पाठ 25 चटपटी पहेलियाँ
कूटी जाती, पीसी जाती,
भोजन तीखा खूब बनाती।
खाने में जो ज़्यादा डल गई,
तो फिर मुँह से निकली सी-सी।
आँख-नाक से निकले पानी,
याद दिला दूँ, सबको नानी।
सोचो, सोचो कौन हूँ मैं,
जल्दी बोलो, कौन हूँ मैं?

कूटी जाती, पीसी जाती,
खाने में पीला रंग लाती।
तेल में मुझे मिलाकर दादी,
चोट लगे तो झट से लगाती।
सबकी चोट को ठीक कराती,
इसीलिए मैं सबको भाती।
सोचो, सोचो कौन हूँ मैं,
जल्दी बोलो, कौन हूँ मैं?

काले-काले मोती जैसी,
छोटी-सी पर गोल हूँ,
बारीक पिसी या दरदरी,
मैं तीखे स्वाद वाली हूँ।
मीठे और नमकीन में,
मैं दोनों में ही डाली जाती हूँ,
सोचो, सोचो कौन हूँ मैं,
जल्दी बोलो, कौन हूँ मैं?

मैं पतला-सा, पर छोटा हूँ,
भूरा भी हूँ, और काला भी हूँ।
गरम घी और तेल में,
मैं खुशबू फैलाता हूँ,
दही और जलज़ीरे में,
भून कर डाला जाता हूँ।
सोचो, सोचो कौन हूँ मैं,
जल्दी बोलो, कौन हूँ मैं?

हरे रंग की जीरे जैसी,
ठीक हाज़मा रखती
खाने के बाद मुझे खाते,
मैं मुँह का स्वाद बढ़ाती।
सोचो, सोचो कौन हूँ मैं,
जल्दी बोलो, कौन हूँ मैं?

कील जैसी दिखती हूँ,
पर मैं एक कली हूँ।
चॉकलेटी भूरे रंग की,
तेज़ खुशबू वाली हूँ।
जब दर्द होता दाँत में,
तब मुझे रखते दाँत में।
सोचो, सोचो कौन हूँ मैं,
जल्दी बोलो कौन हूँ मैं?

किन्हीं दो मसालों के लिए पहेलियाँ बनाओ और अपनी क्लास में पूछो। उन मसालों के चित्र बनाकर नाम भी लिखो।
- पता करो - तुम्हारे घर में खाने में कौन-कौन से मसाले काम में लाए जाते हैं। उनकी सूची बनाओ। अपने साथियों की सूची भी देखो।
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अपने दादा-दादी/नाना-नानी से पता करो, जब वे बच्चे थे, तब उनकी रसोई में कौन-कौन से मसाले अधिकतर इस्तेमाल होते थे?
_______________________________________________________________________________एक ऐसे मसाले का नाम लिखो, जो नमकीन और मीठी - दोनों चीज़ों में डाला जाता है।
_______________________________________________________________________________पता करो, खाने को खट्टा बनाने के लिए उसमें क्या-क्या डाला जाता है?
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मैं हूँ कुट्टन। मैं केरल में रहता हूँ। मेरे घर के आँगन में मसालों का बगीचा है। वहाँ मैं तेज़पत्ता, छोटी इलायची, बड़ी इलायची, काली मिर्च आदि को उगते देखता हूँ।
पता करो, क्या तुम्हारे इलाके में किसी मसाले के पौधे हैं? उनके नाम लिखो।
_______________________________________________________________________________कक्षा में कुछ साबूत मसालों के थोड़े-से नमूने लाओ। इकट्डे किए गए मसालों के नाम तालिका में लिखो। अपनी आँखें बंद करके सभी मसालों को बारी-बारी से छूकर और सूँघकर पहचानने की कोशिश करो। जिन्हें तुम पहचान पाते हो, उनके नाम के आगे सही का निशान $(\checkmark)$ लगाओ। न पहचान पाने पर गलत का निशान $(x)$ लगाओ।
| क्र. सं | मसाले का नाम | सूँघकर | छूकर |
|---|---|---|---|
| 1. | |||
| 2. | |||
| 3. | |||
| 4. | |||
| 5. |
चलो अब बनाएँ, आलू की चटपटी चाट।
इसके लिए चाहिए-
उबले हुए आलू-जो कक्षा में सभी के लिए पूरे हो जाएँ।
नमक, लाल मिर्च, अमचूर अथवा नींबू-स्वाद के अनुसार।
अध्यापक के लिए-गरम मसाला, कई मसालों का पिसा पाठडर, जैसे, ज़ीरा, इलायची (छोटी और बड़ी), लौंग, दालचीनी काली मिर्च, तेजपात के पत्ते, सोंठ, आदि।
- अगर मिल सके, तो भुना ज़ीरा, काला नमक, गरम मसाला, हरे धनिये के पत्ते
आलू छीलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लो। इसमें अपने स्वाद के अनुसार नमक, लाल मिर्च और अमचूर या नींबू डालो। चाट का स्वाद बढ़ाने के लिए, इसमें थोड़ा-सा भुना हुआ ज़ीरा, काला नमक और गरम मसाला डालो। आलुओं को अच्छी तरह से हिला लो। इसके ऊपर कटा हुआ हरा धनिया
डाल दो, तो बात ही क्या! चटपटी चाट खाने के लिए तैयार है।

कैसी लगी तुम्हें आलू की चाट?
सोचो, अगर चाट में मसाले न डाले होते, तो इसका स्वाद कैसा होता?
एक तरह की चाट बनाना और सीखो। कक्षा में उसे मिल-बाँट कर खाओ।
कम मसाले और तेज़ मसाले वाली चीज़ खाने से जीभ पर कैसा लगता है?





