अध्याय 18 ईश्वरचंद्र विद्यासागर

ईश्वरचंद्र विद्यासागर प्रसिद्ध विद्वान् और समाज सुधारक थे। वे बंगाल के निवासी थे। बंगाल में उनका बहुत सम्मान था। वे सादा जीवन उच्च विचार वाले महापुरुष थे।

एक दिन एक युवक उनसे मिलने उनके गाँव मिदनापुर आया। वह रेलगाड़ी से स्टेशन पर उतरा। उसके पास एक सूटकेस था। स्टेशन पर कुली नहीं था। उस युवक को बहुत गुस्सा आया। वह बोला, ‘यह अजीब स्टेशन है। यहाँ एक भी कुली नहीं है।’

उसी गाड़ी से एक और आदमी उतरा। वह बहुत सादी पोशाक में था। वह आधी बाँह का कुर्ता, धोती और चप्पल पहने था। वह आदमी उस युवक के पास आया और बोला, ‘क्या बात है भाई?’ युवक बहुत गुस्से में था। वह बोला, ‘यह कैसा स्टेशन है? यहाँ एक भी कुली नहीं है। मेरे पास सामान है।’ तब वह आदमी बोला, ‘लाइए मैं आपका सामान उठा लूँ।’ वह आदमी युवक का सूटकेस उठाकर स्टेशन से बाहर आया। जब उस युवक ने मजदूरी के पैसे देने चाहे तो वह व्यक्ति बोला, ‘मुझे पैसे नहीं चाहिए।’ वहाँ कुछ बैलगाड़ियाँ खड़ी थीं। युवक एक बैलगाड़ी में बैठ गया।

दूसरे दिन सवेरे वह युवक ईश्वरचंद्र के घर आया। घर के बाहर एक आदमी खड़ा था। यह वही आदमी था जिसने कल रात उसका सामान उठाया था। युवक बोला, ‘क्या विद्यासागर जी यहीं रहते हैं।’

उस आदमी ने कहा, ‘जी हाँ, आइए अंदर बैठिए।’

युवक ने पूछा, ‘विद्यासागर जी कहाँ हैं?’

उस आदमी ने कहा, ‘मैं ही विद्यासागर हूँ।’

युवक को बहुत शर्म आई और उसने विद्यासागर जी से माफी माँगी। फिर बोला, ‘कल मुझसे भूल हुई। अब मैं समझ गया कि कोई काम बड़ा या छोटा नहीं होता। अपना काम स्वयं करना चाहिए।’

अभ्यास

1. पढ़ो और बोलो

(क)

${}$ $ \begin{array}{lllll} \text { ईश्वरचंद्र } & \text { विद्यासागर } & \text { मिदनापुर } & \text { युवक } & \text { सूटकेस } \\ \text { स्टेशन } & \text { पोशाक } & \text { कुर्ता } & \text { धोती } & \text { धन्यवाद } \\ \text { शर्म } & \text { भूल } & \text { चप्पल } & \text { जवाब } & \text { माफ़ी } \\ \text { सामान } & \text { विद्वान् } & \text { समाज } & \text { सुधारक } & \text { सादा } \\ \text { मौजूद } & \text { बैलगाड़ी } & \text { इज्ज़त } & \text { समझ } & \text { स्वयं } \end{array} $

(ख)

${}$ $ \begin{array}{lllll} \text { प्रसिद्ध-मशहूर } & \text { माफ़ी-क्षमा } & \text { पाठ-पाठक } & & \\ \text { सम्मान-आदर } & \text { खुद-स्वयं } & \text { विचार-विचारक } & & \\ \text { गुस्सा-क्रोध } & \text { अजीब-विचित्र } & \text { सुधार-सुधारक } & & \end{array} $

2. तालिका में से शब्द चुनकर वाक्य बनाओ

(क)

${}$ $ \begin{array}{lllll} \text { मैं } & \text { आज } & \text { बाज़ार } & \text { गया। } & \\ & \text { कल } & \text { स्कूल } & & \\ & \text { परसों } & \text { अस्पताल } & & \\ & & \text {चिड़ियाघर} & & \\ \text { मैं } & \text { आज } & \text { बाज़ार } & \text { गई। } & \\ & \text { कल } & \text { स्कूल } & & \\ & \text { परसों } & \text { अस्पताल } & & \\ & & \text {चिड़ियाघर} & & \end{array} $

(ख)

${}$ $ \begin{array}{lllll} \text { मैं } & \text { आज } & \text { बाज़ार } & \text { गया था } & \\ \text { हम } & \text { कल } & \text { स्कूल } & \text { } & \\ \text { तुम } & \text { परसों } & \text { अस्पताल } & \text { } & \\ \text { आप } & & \text { चिड़ियाघर } & \text { गए थे } \end{array} $

3. नमूने के अनुसार शब्द बनाओ

नमूना:

सुधार-सुधारक

  1. प्रचार - ………………………………………

  2. विचार - ………………………………………

  3. उद्धार - ………………………………………

4. नमूने के अनुसार वाक्य बदलो

नमूना:

मेरा नाम विद्यासागर है।

मैं ही विद्यासागर हूँ।

  1. मेरा नाम मोहन है। ………………………………………

  2. मेरा नाम शीला है। ………………………………………

  3. मेरा नाम राघवन है। ………………………………………

  4. मेरा नाम पीटर है। ………………………………………

  5. मेरा नाम साधना है। ………………………………………

5 तालिका के प्रत्येक भाग से एक-एक शब्द चुनकर वाक्य बनाओ

${}$ $ \begin{array}{lllll} \text { मैं } & \text { आज } & \text { बाज़ार } & \text { गई थी } & \\ \text { हम } & \text { कल } & \text { स्कूल } & \text { } & \\ \text { तुम } & \text { परसों } & \text { अस्पताल } & \text { } & \\ \text { आप } & & \text { मंदिर } & \text { गई थीं } \end{array} $

6 नमूने के अनुसार कोष्ठक में से शब्द चुनकर वाक्य पूरे करो

(क)

नमूना:

राम कुर्सी पर …………………..है। (बैठा)

राम कुर्सी पर बैठा है।

बैठा, बैठे, खड़े, लेटे, खड़ी

  1. श्रीनिवास जी बिस्तर पर…………………..हैं।

  2. माता जी कार के पास…………………..हैं।

  3. बंदर छत पर…………………..हैं।

  4. कुछ बच्चे भी वहाँ…………………..हैं।

  5. तुम यहाँ क्यों…………………..हो?

(ख)

नमूना:

राघव अभी कमरे में बैठा है।

राघव पहले से कमरे में बैठा था।

  1. वूटन इस समय दरवाज़े पर खड़ा है। ……………………………………

  2. सना अभी कुर्सी पर बैठी है। ……………………………………

  3. चंचल अभी चारपाई पर लेटा है। ……………………………………

  4. अक्षय इस समय पेड़ के नीचे बैठा है। ……………………………………

  5. घना अभी पेड़ के नीचे खड़ी है। ……………………………………

(ग) नमूना:

गाड़ी प्लेटफार्म पर खड़ी होती है।

गाड़ी प्लेटफार्म पर खड़ी हुई है।

  1. फूलवाली वहाँ खड़ी होती है। ……………………………………

  2. सब्ज़ीवाला गली में खड़ा होता है। ……………………………………

  3. दूधवाला दरवाज़े पर खड़ा होता है। ……………………………………

  4. बस गली में खड़ी होती है। ……………………………………

  5. रूपा लाइन में खड़ी होती है। ……………………………………

6. कैलेंडर देखकर नमूने के अनुसार रिक्त स्थानों की पूर्ति करो

नमूना:

पंद्रह तारीख को …………. है।

पंद्रह तारीख को रविवार है।

  1. बीस तारीख को …………………………………… है।

  2. …………………………………… को एक तारीख है।

  3. पच्चीस तारीख को …………………………………… है।

  4. …………………………………… को तीस तारीख है।

  5. दूसरा शनिवार …………………………………… तारीख को है।

रविवार18152229
सोमवार29162330
मंगलवार310172431
बुधवार4111825
बृहस्पतिवार5121926
शुक्रवार6132027
शनिवार7142128

7. प्रश्नों के उत्तर दो

  1. ईश्वरचंद्र विद्यासागर कौन थे?

  2. कुली न देखकर युवक ने क्या कहा?

  3. युवक का सामान उठाने वाला कौन था?

  4. युवक पैसा देने लगा तो आदमी ने क्या कहा?

  5. अंत में युवक को क्या सीख मिली?

योग्यता विस्तार

छात्र अपने प्रदेश के किसी महापुरुष के जीवन की घटना चार-पाँच वाक्यों में सुनाएँ।



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