अध्याय 02 वस्तुओं के समूह बनाना

2.1 हमारे चारों ओर की वस्तुएँ

हमने देखा है कि हमारे भोजन तथा वस्त्रों में बहुत अधिक विविधता है। हर स्थान पर इसी प्रकार की विविधता वाली अनेक वस्तुएँ होती हैं। हम अपने चारों ओर कुर्सियाँ, बैलगाडियाँ, साईकिलें, खाना पकाने के बर्तन, पुस्तकें, वस्त्र, खिलौने, जल, पत्थर तथा अन्य बहुत-सी वस्तुएँ देखते हैं। इन सभी वस्तुओं की आकृतियाँ, रंग(वर्ण) तथा गुण भिन्न-भिन्न होते हैं(चित्र 2.1)।

अपने चारों ओर देखिए तथा गोल आकृति की वस्तुएँ पहचानिए। हमारी इस सूची में विभिन्न प्रकार की गेंद, जैसे रबड़ की गेंद, फुटबॉल तथा कंचे सम्मिलित हो सकते हैं। यदि हम अपनी सूची में लगभग गोल वस्तुओं को भी सम्मिलित कर लें तो इस में सेब, संतरे तथा घड़े जैसी वस्तुओं को भी रखा जा सकता है।

चित्र 2.1 हमारे चारों ओर की वस्तुएँ

मान लीजिए, हम प्लास्टिक की बनी वस्तुओं का एक समूह बनाना चाहते हैं। बाल्टियाँ, लंच-बॉक्स, खिलौने, जल-पात्र, पाइप (नलियाँ) तथा इसी प्रकार की बहुत-सी वस्तुओं को इस समूह में स्थान मिल सकता है। अतः वस्तुओं के समूह बनाने के बहुत-से ढंग हैं। उपर्युक्त उदाहरण में हमने वस्तुओं को समूहों में उनकी आकृतियों तथा जिस पदार्थ से वे बने हैं, के आधार पर बाँटा है।

हमारे चारों ओर की वस्तुएँ एक अथवा एक से अधिक पदार्थों से बनी होती हैं। ये पदार्थ काँच, धातुएँ, प्लास्टिक, लकड़ी, रुई, कागज़, पंक तथा मृदा हो सकते हैं। क्या आप पदार्थों के और अधिक उदाहरणों के विषय में विचार कर सकते हैं?

क्रियाकलाप 1

आइए, अब हम अपने चारों ओर से जितनी संभव हो सके, उतनी वस्तुएँ एकत्र करते हैं। हममें से प्रत्येक अपने घर से प्रतिदिन उपयोग होने वाली एक वस्तु ला सकता है तथा कुछ वस्तुएँ कक्षा के कमरे से अथवा विद्यालय के बाहर से एकत्र कर सकता है। हमारे इस संग्रह में हमारे पास क्या होगा? चाक, पेंसिल, नोटबुक, रबड़, डस्टर (झाड़न), हथौड़ा, कील, साबुन, पहिए का आरा, बैट (बल्ला), माचिस की डिब्बी, नमक एवं आलू। हम वस्तुओं की एक ऐसी सूची भी बना सकते हैं जिनके बारे में हम केवल सोच ही सकते हैं, कक्षा के कमरे में ला नहीं सकते। उदाहरण के लिए दीवार, वृक्ष, दरवाज़े, ट्रैक्टर और सड़कें।

इस संग्रह से उन सभी वस्तुओं को पृथक कीजिए जो कागज़ अथवा लकड़ी से बनी हैं। इस प्रकार आप सभी वस्तुओं को दो समूहों में बाँट सकते हैं। इनमें एक समूह की सभी वस्तुएँ कागज़ अथवा लकड़ी से बनी हैं तथा दूसरे समूह की वस्तुएँ इन पदार्थों से नहीं बनी हैं। इसी प्रकार हम खाना पकाने में उपयोग होने वाली वस्तुओं को पृथक कर सकते हैं।

आइए, अब हम कुछ अधिक योजनाबद्ध होते हैं। एकत्र की गईं सभी वस्तुओं की सारणी 2.1 में सूची बनाइए। प्रत्येक वस्तु जिन-जिन पदार्थों से बनी है उनको पहचानने का प्रयास कीजिए। इतनी लंबी सारणी बनाना, जिसमें जितनी वस्तुएँ संभव हैं उन सभी के बारे में सूचना एकत्र करके लिखना एक कौतुक हो सकता है। एकत्र की गई वस्तुओं में से कुछ वस्तुओं के पदार्थों के बारे में पता लगाना कठिन कार्य प्रतीत हो सकता है। ऐसे प्रकरणों में पदार्थों की पहचान के लिए अपने मित्रों, शिक्षक तथा अभिभावकों से विचार-विमर्श कीजिए।

क्रियाकलाप 2

सारणी 2.2 में कुछ सामान्य पदार्थों की सूची दी गई है। इनके अतिरिक्त अपनी जानकारी के और अधिक पदार्थ आप इस सारणी के कॉलम 1 में जोड़ सकतें हैं।

सारणी 2.1 : वस्तुएँ तथा पदार्थ जिनसे ये बनी हैं

वस्तुएँ पदार्थ जिनसे ये बनी हैंं
प्लेट(थाली) इस्पात, काँच,
प्लास्टिक (अन्य कोई?)
पेन प्लास्टिक, धातु

बूझों यह जानना चाहता है कि क्या हमने यह पता लगाया है कि कुछ पदार्थों का उपयोग एक से अधिक प्रकार की वस्तुओं को बनाने में किया जाता है?

अब प्रयास करके अपनी जानकारी की दैनिक उपयोग में आने वाली उन वस्तुओं के बारे में विचार कीजिए जो मुख्यतः इन्हीं पदार्थों से बनी हैं और उन्हें कॉलम 2 में सूचीबद्ध कीजिए।

इन सब सारणियों से हमें क्या पता चलता है? पहले हमने वस्तुओं को कई ढंग से समूहों में रखा। इसके पश्चात हमने यह पाया कि हमारे चारों ओर की वस्तुएँ विभिन्न पदार्थों से बनी हैं। कई बार तो कोई वस्तु एक ही पदार्थ से बनी होती है तो ऐसा भी होता है कि एक ही वस्तु कई पदार्थों से भी बनी हो सकती हैं, और फिर एक ही पदार्थ के उपयोग से कई वस्तुएँ बनाई जा सकती हैं। यह कैसे निश्चित किया जाता है

सारणी 2.2 : समान पदार्थ से बनी विभिन्न प्रकार की वस्तुएँ

पदार्थ इन पदार्थों से बनी वस्तुएँ
लकड़ी कुर्सी, मेज़, हल, बैलगाड़ी
और इसके पहिए …
कागज़ पुस्तकें, नोटबुक, समाचारपत्र,
खिलौने, कैलेंडर …
चमड़ा
प्लास्टिक
रुई

कि किसी दी गई वस्तु को बनाने के लिए कौन-सा पदार्थ उपयोग किया जाना चाहिए? ऐसा लगता है कि अभी हमें विभिन्न पदार्थों के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने की आवश्यकता है?

2.2 पदार्थों के गुण

क्या आपने कभी यह जानने का प्रयास किया है कि गिलास कपड़े का क्यों नहीं बनाया जाता? यह ध्यान में रखिए कि हम गिलास का उपयोग सामान्यतः द्रवों को रखने के लिए करते हैं। इसलिए अब यदि हम कपड़े का गिलास बनाएँ तो क्या हमारा यह कार्य काफी हास्यास्पद प्रतीत नहीं होगा (चित्र 2.2)। गिलास बनाने के लिए हमें काँच, प्लास्टिक, धातु अथवा कोई ऐसा पदार्थ चाहिए जो जल को रोक सकता हो। इसी प्रकार खाना पकाने वाले पात्र बनाने के लिए कागज़ का उपयोग करना भी कोई बुद्धिमानी का कार्य नहीं माना जाएगा।

तब हम यह देखते हैं कि हमारे द्वारा किसी वस्तु को बनाने के लिए किसी पदार्थ का चयन किया जाना

चित्र 2.2 कपड़े के गिलास का उपयोग करते हुए

उस पदार्थ के गुणों तथा उपयोग की जाने वाली वस्तु के प्रयोजन पर निर्भर करता है।

अतः पदार्थों के वह सब गुण क्या हैं जो उसके उपयोग के लिए महत्वपूर्ण होते हैं? नीचे कुछ गुणों की विवेचना की गई है।

दिखावट

पदार्थ प्रायः एक-दूसरे से भिन्न दिखाई देते हैं। लकड़ी लोहे से बिल्कुल भिन्न दिखाई देती है। लोहा, ताँबे अथवा ऐलुमिनियम से भिन्न दिखाई पड़ता है। परंतु फिर भी लोहे, ताँबे तथा ऐलुमिनियम में कुछ समानताएँ हो सकती हैं, जो लकड़ी में नहीं पाई जाती।

क्रियाकलाप 3

विभिन्न पदार्थों — गत्ता, लकड़ी, ताँबे का तार, ऐलुमिनियम की शीट और चाक के छोटे-छोटे टुकड़े एकत्र कीजिए। क्या इनमें से कोई चमकीली दिखाई पड़ती है? चमकीले पदार्थों को एक समूह में पृथक कीजिए।

अब जैसे ही आपके शिक्षक प्रत्येक पदार्थ को दो भागों में काटें, ताज़े-कटे पृष्ठों को ध्यान से देखिए (चित्र 2.3)। आपने क्या पाया? क्या इन पदार्थों में से कुछ के ताज़े-कटे पृष्ठ चमकीले हैं? इन वस्तुओं को भी चमकीले पदार्थों के समूह में सम्मिलित कीजिए।

क्या आप अन्य पदार्थों में इसी प्रकार की कोई चमक अथवा द्युति देखते हैं? जैसे भी संभव हो सके किसी भी ढंग से इन्हें काटिए, ऐसा आप कक्षा में जितने भी पदार्थों के साथ कर सकते हैं, कीजिए तथा द्युतिवान तथा द्युतिहीन पदार्थों की सूची बनाइए। काटने के स्थान पर आप पदार्थों के पृष्ठों को रेगमाल से रगड़कर यह देख सकते हैं कि वे द्युतिवान हैं अथवा नहीं।


चित्र 2.3 धातुओं के टुकड़ों को उनकी द्युति देखने के लिए काटना


पदार्थ जिनमें इस प्रकार की द्युति होती है, वे प्राय: धातु होते हैं। लोहा, ताँबा, ऐलुमिनियम तथा सोना, धातुओं के उदाहरण हैं। कुछ धातुएँ बहुधा अपनी चमक खो देती हैं और द्युतिहीन (निष्प्रभ) दिखाई देने लगती हैं। ऐसा उन पर वायु तथा नमी की अभिक्रियाओं के कारण होता है। इसीलिए हमें केवल ताज़े-कटे पृष्ठों पर ही द्युति दिखाई देती है। जब आप किसी लोहार अथवा वर्कशॉप का भ्रमण करें तो धातु की छड़ों के ताज़े-कटे पृष्ठों को देखने का प्रयास करें और यह देखें कि इनमें द्युति है अथवा नहीं?

कठोरता

जब आप विभिन्न पदार्थों को अपने हाथों से दबाते हैं, तो उनमें से कुछ को दबाना (संपीडित करना) कठिन होता है, जब कि कुछ अन्य आसानी से संपीडित हो जाते हैं। धातु की एक चाबी लीजिए तथा इससे लकड़ी, ऐलुमिनियम, पत्थर का टुकड़ा, कील, मोमबत्ती, चाक, अन्य कोई पदार्थ अथवा वस्तु के पृष्ठों को खरोंचने का प्रयास कीजिए। आप कुछ पदार्थों को आसानी से खरोंच सकते हैं, जबकि कुछ अन्य पदार्थों को इतनी आसानी से नहीं खरोंचा जा सकता। वे पदार्थ जिन्हें आसानी से संपीडित किया अथवा खरोंचा जा सकता है, कोमल पदार्थ कहलाते हैं, जबकि अन्य पदार्थ जिन्हें संपीडित करना कठिन होता है, कठोर पदार्थ कहलाते हैं। उदाहरण के लिए रुई अथवा स्पंज कोमल हैं, जबकि लकड़ी कठोर है।

दिखावट में, पदार्थों में विभिन्न गुण हो सकते हैं, जैसे द्युति, कठोरता, रुक्ष (खुरदरा) अथवा चिकना होना। क्या आप अन्य गुणों के बारे में सोच सकते हैं जो किसी पदार्थ की दिखावट का वर्णन करते हैं?

विलेय अथवा अविलेय?

क्रियाकलाप 4

कुछ ठोस पदार्थों जैसे चीनी, नमक, चाक पाउडर, बालू (रेत) तथा लकड़ी के बुरादे के नमूने एकत्र कीजिए। काँच के पाँच गिलास लीजिए। प्रत्येक गिलास के लगभग $2 / 3$ भाग में जल भरिए। पहले गिलास में कुछ मात्रा में (चम्मच भरकर) चीनी, दूसरे में नमक तथा इसी प्रकार शेष गिलासों में अन्य पदार्थ मिलाइए। प्रत्येक गिलास की अंतर्वस्तु को चम्मच से विलोड़ित कीजिए (धीरे-धीरे हिलाइए)। कुछ मिनट तक प्रतीक्षा कीजिए। प्रेक्षण कीजिए और पता लगाइए कि जल में मिलाए गए पदार्थों का क्या होता है (चित्र 2.4)। अपने प्रेक्षणों को सारणी 2.3 में दर्शाए अनुसार नोट कीजिए।

चित्र 2.4 क्या लुप्त होता है और क्या नहीं?

सारणी 2.3 : विभिन्न ठोस पदार्थों को जल में मिश्रित करना

पदार्थ जल में लुप्त हो जाता है/
लुप्त नहीं होता
नमक जल में पूर्णतः लुप्त हो जाता है
चीनी
बालू
चाक पाउडर
लकड़ी का
बुरादा

आप यह पाएँगे कि कुछ पदार्थ जल में पूर्णतः लुप्त हो गए, अर्थात घुल गए ( विलीन हो गए) हैं। हम यह कहते हैं कि ये पदार्थ जल में विलेय हैं। अन्य पदार्थ जल के साथ मिश्रित नहीं होते तथा काफी समय तक गिलास में विलोड़ित करने पर भी जल में लुप्त नहीं होते। ये पदार्थ जल में अविलेय हैं।

चूंकि जल बहुत-से पदार्थों को विलीन कर सकता है इसीलिए हमारे शरीर के प्रकार्यों में इसकी एक महत्वपूर्ण भूमिका है। क्या द्रव भी जल में विलीन हो जाते हैं?

क्रियाकलाप 5

सिरका, नीबू का रस, सरसों का तेल अथवा नारियल का तेल, मिट्टी का तेल अथवा अन्य किसी द्रव के नमूने एकत्र कीजिए। काँच का एक गिलास लीजिए। इसे आधा जल से भरिए। अब इसमें चम्मच भरकर कोई द्रव मिलाइए, और भली-भाँति विलोड़ित कीजिए। इसे पाँच मिनट के लिए छोड़ दीजिए। प्रेक्षण कीजिए कि क्या यह द्रव जल के साथ मिश्रित हो जाता है

चित्र 2.5 (a) कुछ द्रव जल में भली-भांति मिश्रित हो जाते हैं जबकि (b) कुछ नहीं होते।

(चित्र 2.5)। जितने अधिक अन्य द्रव आपको उपलब्ध हो सकें उन सभी के साथ इस प्रयोग को दोहराइए। अपने प्रेक्षणों को सारणी 2.4 में लिखिए।

हम यह देखते हैं कि कुछ द्रव जल में पूर्णत: मिश्रित हो जाते हैं। कुछ अन्य द्रव जल में मिश्रित नहीं होते और कुछ समय तक ऐसे ही छोड़ देने पर अपनी पृथक परत बना लेते हैं।

सारणी 2.4 : कुछ सामान्य द्रवों की जल में विलेयता

द्रव भली-भाँति मिश्रित होता है/
मिश्रित नहीं होता है
सिरका भली-भाँति मिश्रित होता है।
नींबू का रस
सरसों का तेल
नारियल का तेल
किरोसिन

बूझो यह सुझाव देता है कि हमें यह भी जाँच करनी चाहिए कि हमने क्रियाकलाप 5 में जिन द्रवों का उपयोग किया था क्या जल के अतिरिक्त किसी अन्य द्रव में भली-भांति मिश्रित हो जाते हैं।
पहेली यह जानने के लिए उत्सुक है कि क्या गैसें भी जल में विलीन हो जाती हैं।

कुछ गैसें जल में विलेय हैं, जबकि अन्य नहीं हैं। सामान्यतः जल में कुछ गैसें थोड़ी मात्रा में विलीन होती हैं। उदाहरण के लिए जल में विलीन ऑक्सीजन गैस, जल में रहने वाले जंतुओं एवं पादपों की उत्तरजीविता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

वस्तुएँ जल में तैर अथवा डूब सकती हैं

क्रियाकलाप 4 करते समय आपने यह ध्यान दिया होगा कि जल में अविलेय ठोस जल से पृथक हो जाते हैं। क्रियाकलाप 5 में भी आपने कुछ द्रवों के साथ ऐसा ही देखा होगा। इनमें से कुछ पदार्थ, जो जल में मिश्रित नहीं हो पाए वे जल के पृष्ठ पर आकर तैरने

चित्र 2.6 जल में डूबती तथा तैरती वस्तुएँ

लगे थे। अन्य डूबकर गिलास की तली में पहुँच गए थे, क्या यह सही नहीं है? हम ऐसे बहुत-से उदाहरण देखते हैं, जिनमें पदार्थ जल में तैरते रहते हैं अथवा डूब जाते हैं (चित्र 2.6)। किसी तालाब की सतह पर गिरी सूखी पत्तियाँ, वह कंकड़ जो आप इसी तालाब में फेंक देते हैं, शहद की कुछ बूंदें जिन्हें आप गिलास के जल में डालते हैं, इन सबका क्या होता है?

बूझो यह चाहता है कि आप उसे जल में तैरने वाले तथा जल में डूबने वाले पदार्थों के पाँच-पाँच उदाहरण दें। अन्य द्रवों, जैसे तेल में यही पदार्थ तैरते हैं अथवा डूब जाते हैं, इसे देखने के लिए आप किस प्रकार परीक्षण करेंगे?

पारदर्शिता

आपने लुका-छिपी का खेल खेला होगा। उन स्थानों के बारे में विचार करिए जहाँ आप खेलते समय छिपना चाहेंगे ताकि आप दूसरों को दिखाई न दें। आपने इन स्थानों को ही क्यों चुना? क्या आपने कभी शीशे की खिड़की के पीछे छिपने का प्रयास किया है? स्पष्ट रूप से नहीं, क्योंकि ऐसा करने पर आपका मित्र शीशे से देखकर आपका पता लगा लेगा। उन पदार्थों अथवा सामग्रियों जिनसे होकर वस्तुओं को देखा जा सकता है, उन्हें पारदर्शी कहते हैं (चित्र 2.7)। काँच, जल, वायु तथा कुछ प्लास्टिक पारदर्शी पदार्थों के उदाहरण हैं। प्रायः दुकानदार बिस्कुट, मिठाइयाँ तथा अन्य खाद्य पदार्थों को काँच अथवा प्लास्टिक के पारदर्शी पात्रों में रखना अधिक पसंद पारभासी करते हैं ताकि खरीददार इन चीज़ों को आसानी से देख सके (चित्र 2.8)।

चित्र 2.7 मुखावरण अपारदर्शी, पारदर्शी,


चित्र 2.8 दुकान में रखी पारदर्शी बोतलें

इसके विपरीत, कुछ ऐसे पदार्थ भी हैं जिनसे होकर आप वस्तुओं को नहीं देख सकते। इन पदार्थों को अपारदर्शी कहते हैं। आप यह नहीं बता सकते कि बंद लकड़ी के बॉक्स, गत्ते के डिब्बे अथवा धातु के पात्र के भीतर क्या रखा है? लकड़ी, गत्ता तथा धातुएँ अपारदर्शी पदार्थों के उदाहरण हैं।

क्या अब हम यह समझते हैं कि हम बिना किसी भ्रांति के सभी पदार्थों एवं वस्तुओं को पारदर्शी अथवा अपारदर्शी में समूहित कर सकते हैं?

क्रियाकलाप 6

कागज़ की एक शीट लीजिए और इससे होकर किसी प्रदीप्त बल्ब को देखिए। इस संबंध में, अपने प्रेक्षण नोट कीजिए। अब कागज़ की शीट के बीच में 2-3 बूंद खाने का तेल या मक्खन डालकर इसे फैलाइए। कागज़ के उस भाग से, जहाँ तेल फैला है, प्रदीप्त बल्ब को दुबारा ध्यान से देखिए। अब आप क्या देखते हैं? क्या आप यह पाते हैं कि अब बल्ब हमें पहले की अपेक्षा और अधिक स्पष्ट दिखाई देता है? परंतु क्या आप इस चिकने कागज़ से होकर प्रत्येक वस्तु को पूर्णतः स्पष्ट देख लेते हैं। कदाचित् नहीं। ऐसे पदार्थों, जिनसे होकर वस्तुओं को देख तो सकते हैं, परंतु बहुत स्पष्ट नहीं देखा जा सकता, उन्हें पारभासी कहते हैं। कागज़ पर लगे उस तैलीय धब्बे को याद कीजिए जिसका उपयोग हमने खाद्य पदार्थों का वसा के लिए परीक्षण करने में किया था? वह भी पारभासी ही था। क्या आप पारभासी पदार्थों के कुछ और उदाहरणों पर सोच-विचार कर सकते हैं।

अतः हम पदार्थों को अपारदर्शी, पारदर्शी तथा पारभासी के रूप में समूहों में बाँट सकते हैं।

चित्र 2.9 क्या टॉर्च का प्रकाश आपकी हथेली से गुजरता है

पहेली किसी अंधेरे वाले स्थान पर टॉर्च के काँच को हथेली से ढकने का सुझाव देती है। टॉर्च का स्विच ‘ऑन’ करके हथेली के दूसरी ओर का प्रेक्षण कीजिए। वह यह जानना चाहती है कि क्या आपकी हथेली अपारदर्शी है, पारदर्शी है अथवा पारभासी?

हमने यह सीख लिया है कि पदार्थों की अपनी भिन्न दिखावट होती हैं तथा इनके जल अथवा अन्य द्रवों में मिश्रित होने के ढंग भिन्न-भिन्न होते हैं। वे जल में तैर अथवा डूब सकते हैं अथवा पारदर्शी, अपारदर्शी और पारभासी हो सकते हैं। पदार्थों का समूहन उनके गुणों में समानताओं अथवा विभिन्नताओं के आधार पर किया जा सकता है।

हमें पदार्थों को समूहों में रखने की आवश्यकता क्यों पड़ती है? दैनिक जीवन में हम प्रायः पदार्थों का समूहन अपनी सुविधा के लिए करते हैं। घर में हम अपनी वस्तुओं का भंडारण सामान्यत: इस प्रकार करते हैं कि एक जैसी वस्तुएँ एक साथ रखी हों। इस प्रकार की व्यवस्था द्वारा हम आसानी से उनका पता लगा सकते हैं। इसी प्रकार कोई पंसारी प्राय: सभी प्रकार के बिस्कुटों को अपनी दुकान के एक कोने में रखता है, सभी साबुनों को अन्य स्थान पर जबकि अनाज तथा दालों का भंडारण किसी अन्य स्थान पर करता है।

इस प्रकार के समूहन के लाभप्रद होने का एक दूसरा कारण भी है। पदार्थों को इस प्रकार समूहों में बाँटकर उनके गुणों का अध्ययन तथा इन गुणों में किन्हीं भी पैटर्नों का अवलोकन करना सुविधाजनक बन जाता है। इसके विषय में और अधिक अध्ययन हम उच्च कक्षाओं में करेंगे।

प्रमुख शब्द

कठोर अपारदर्शी
अविलेय रुक्ष (खुरदरा)
द्युतिमय (चमकीला) विलेय
पदार्थ पारभासी
धातु पारदर्शी

सारांश

  • हमारे चारों ओर की वस्तुएँ अनेक प्रकार के पदार्थों से बनी हैं।

  • किसी दिए गए पदार्थ का उपयोग बहुत-सी वस्तुओं के निर्माण में किया जा सकता है। किसी वस्तु को केवल एक ही पदार्थ से भी बनाना संभव हो सकता है अथवा उसे विभिन्न प्रकार के पदार्थों से भी बनाया जा सकता है।

  • विभिन्न प्रकार के पदार्थों के गुण भिन्न-भिन्न होते हैं।

  • कुछ पदार्थ दिखावट में चमकदार होते हैं, जबकि अन्य नहीं होते। कुछ खुरदरे होते हैं तो कुछ अन्य चिकने (मसूढ़)। इसी प्रकार, कुछ पदार्थ स्पर्श करने पर कठोर लगते हैं, तो कुछ अन्य कोमल लगते हैं।

  • कुछ पदार्थ जल में विलेय होते हैं, जबकि कुछ अन्य अविलेय होते हैं।

  • कुछ पदार्थ जैसे काँच पारदर्शी होते हैं, तथा कुछ अन्य जैसे लकड़ी एवं धातुएँ अपारदर्शी होते हैं। कुछ पदार्थ पारभासी होते हैं।

  • पदार्थों को उनके गुणों में समानताओं तथा विभिन्नताओं के आधार पर समूहों में बाँटा जाता है।

  • वस्तुओं को सुविधा तथा उनके गुणों के अध्ययन के लिए एक साथ समूहित किया जाता है।


अभ्यास

1. लकड़ी से बनाई जा सकने वाली पाँच वस्तुओं के नाम लिखिए।

2. निम्नलिखित में से चमकदार पदार्थों का चयन कीजिए:

काँच की प्याली, प्लास्टिक का खिलौना, स्टील का चम्मच, सूती कमीज़

3. निम्नलिखित वस्तुओं का मिलान उन पदार्थों से कीजिए जिनसे उन्हें बनाया जा सकता है। याद रखिए कोई वस्तु एक से अधिक पदार्थों से भी मिलकर बनी हो सकती है तथा किसी दिए गए पदार्थ का उपयोग बहुत-सी वस्तुओं को बनाने में भी किया जा सकता है।

वस्तुएँ पदार्थ
पुस्तक काँच
गिलास लकड़ी
कुर्सी कागज़
खिलौना चमड़ा
जूते प्लास्टिक

4. नीचे दिए गए कथन सत्य हैं अथवा असत्य। इसका उल्लेख कीजिए :

(क) पत्थर पारदर्शी होता है जबकि काँच अपारदर्शी होता है।

(ख) नोटबुक में द्युति होती है जबकि रबड़ (इरेज़र) में नहीं होती।

(ग) चाक जल में विलीन हो जाता है।

(घ) लकड़ी का टुकड़ा जल पर तैरता है।

(ङ) चीनी जल में विलीन नहीं होती।

(च) तेल जल के साथ मिश्रणीय है।

(छ) बालू (रेत) जल में निःसादित हो जाता है।

(ज) सिरका जल में विलीन हो जाता है।

5. नीचे कुछ वस्तुओं तथा पदार्थों के नाम दिए गए हैं:

जल, बॉस्केट बाल, संतरा, चीनी, ग्लोब, सेब तथा मिट्टी का घड़ा

इनको इस प्रकार, समूहित कीजिए:

(क) गोल आकृति तथा अन्य आकृतियाँ

(ख) खाद्य तथा अखाद्य

6. जल में तैरने वाली जिन वस्तुओं को आप जानते हैं उनकी सूची बनाइए। जाँच कीजिए और देखिए कि क्या वे तेल अथवा मिट्टी के तेल पर तैरती हैं।

7. निम्नलिखित समूह में मेल न खाने वाला ज्ञात कीजिए:

(क) कुर्सी, पलंग, मेज़, बच्चा, अलमारी

(ख) गुलाब, चमेली, नाव, गेंदा, कमल

(ग) ऐलुमिनियम, आयरन, ताँबा, चाँदी, रेत

(घ) चीनी, नमक, रेत, कॉपर सल्फेट

प्रस्तावित परियोजनाएँ एवं क्रियाकलाप

1. आपने अपने मित्रों के साथ स्मरणशक्ति खेल खेला होगा। किसी मेज़ पर कई वस्तुएँ रखी हैं, आपको उन्हें कुछ मिनट प्रेक्षण करने के पश्चात किसी दूसरे कमरे में जाकर उन सभी वस्तुओं, जो आपको याद हैं, के नाम लिखने के लिए कहा जाता है। इस खेल को कुछ अंतर के साथ खेलिए। इस स्मरणशक्ति खेल के सभी प्रतिभागियों से यह कहिए कि वे इस खेल को खेलते समय किसी विशिष्ट गुण के साथ वस्तु का नाम याद रखें। याद कीजिए और लकड़ी से बनी वस्तुओं के नाम, खाने वाले पदार्थों के नाम आदि लिखकर आमोद-प्रमोद कीजिए।

2. पदार्थों के वृहत संग्रह से विभिन्न गुणों जैसे पारदर्शिता, जल में विलेयता तथा अन्य गुणों के आधार पर वस्तुओं के समूह बनाइए। आगे के अध्यायों में आप विद्युत तथा चुंबकत्व से संबंधित गुणों के विषय में भी सीखेंगे। संग्रहित पदार्थों के विभिन्न समूह बनाने के पश्चात् इन समूहों में कोई पैटर्न ढूँढने का प्रयास कीजिए। उदाहरण के लिए क्या वे सभी, पदार्थ जिनमें द्युति होती है विद्युत चालन करते हैं?



sathee Ask SATHEE

Welcome to SATHEE !
Select from 'Menu' to explore our services, or ask SATHEE to get started. Let's embark on this journey of growth together! 🌐📚🚀🎓

I'm relatively new and can sometimes make mistakes.
If you notice any error, such as an incorrect solution, please use the thumbs down icon to aid my learning.
To begin your journey now, click on

Please select your preferred language
कृपया अपनी पसंदीदा भाषा चुनें