तार्किक तर्क प्रश्न 29

प्रश्न; निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

दहेज वह धन-संपत्ति और वस्तुएँ हैं जो विवाह के समय वधू के परिवार द्वारा वधू को भेंट की जाती हैं। इसे नवविवाहित दंपत्ति के लिए आर्थिक सहारा माना जाता था। यह वधू की संपत्ति होती है और वर को उस पर प्रबंधन का अधिकार प्राप्त होता है। यह प्रथा प्राचीन निकट पूर्व और प्राचीन भारत की है—प्राचीन ग्रीक नगर-राज्यों की नहीं—लगभग 1000 से 500 ई.पू. तक। रोमन कानून के अंतर्गत दहेज अनिवार्य था, क्योंकि इससे वधू की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होती मानी जाती थी। साम्राज्यों की स्थापना के कारण रोमन कानून के विस्तार से यह प्रथा दुनिया के बड़े भाग में लागू हुई। दहेज प्रथा आधुनिक पश्चिमी दुनिया के देशों में भी प्रचलित थी, परंतु उदार और लोकतांत्रिक शिक्षा प्रणाली के साथ आधुनिकीकरण ने इस प्रथा को कम करने में सहायता की। भारत इस कुख्यात प्रथा का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है और साथ ही क्रांतिकारी शैक्षिक और राजनीतिक महत्त्वाकांक्षाओं के कारण दुनिया में इसे सफलतापूर्वक घटाने वाला भी है।
भारत में दहेज प्रथा के विरुद्ध प्रबल तर्क क्या है?

विकल्प:

A) भारत में रोमन और ग्रीक की तुलना में प्रबल दहेज प्रथा थी

B) दहेज प्रथा से प्रभावित होकर भारत ने सबक सीखा

C) भारत ने सामाजिक-राजनीतिक क्षेत्र में अधिक सकारात्मक विकास देखा है

D) भारत में रोमन काल के दौरान उदार और लोकतांत्रिक शिक्षा नहीं थी

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उत्तर:

सही उत्तर; C

समाधान:

भारत में प्राचीन काल से ही उदार और लोकतांत्रिक शिक्षा प्रणाली रही है। हालांकि, पिछले सौ वर्षों में, विशेष रूप से स्वतंत्रता के बाद, उदार और क्रांतिकारी सामाजिक-राजनीतिक आकांक्षाओं ने व्यावहारिक रूप लेना शुरू किया। इस प्रकार भारत में दहेज जैसी प्रथाओं में गिरावट देखी गई है।