कोशिका संरचना एवं कार्य, कोशिका चक्र एवं कोशिका विभाजन-2
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मीओसिस में नाभिकीय और कोशिका विभाजन के दो क्रमिक चक्र होते हैं जिन्हें मीओसिस I और मीओसिस II कहा जाता है, लेकिन डीएनए प्रतिकृत्ति का केवल एक ही चक्र होता है।
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मीओसिस I तब प्रारंभ होता है जब माता-पिता के गुणसूत्र S प्रावस्था में समान बहन क्रोमैटिडों का उत्पादन करने के लिए प्रतिकृत्त हो चुके होते हैं।
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समजाती गुणसूत्रों की असमान बहन क्रोमैटिडों के बीच पुनर्संयोजन विचरणों का कारण बनता है और अंततः एक नई प्रजाति का विकास होता है।
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मीओसिस I के बाद दो हप्लॉइड कोशिकाएं बनती हैं और मीओसिस II के अंत में चार हप्लॉइड कोशिकाएं बनती हैं।
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मीओसिस के कारण प्रत्येक प्रजाति की विशिष्ट गुणसूत्र संख्या पीढ़ी दर पीढ़ी बनाए रखी जाती है।