पारिस्थितिकी, जैव विविधता और संरक्षण
पारिस्थितिकी, जैव विविधता और संरक्षण:
जैव विविधता:
- आनुवंशिक विविधता: समुदायों के भीतर आनुवंशिक रूप से विभिन्नता।
- प्रजाति विविधता: किसी क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों की संख्या।
- पारिस्थितिक प्रणाली विविधता: किसी क्षेत्र को बनाने वाली पारिस्थितिक प्रणालियों की विभिन्नता।
जैव विविधता के खतरे:
- आवास विनाश: मानव गतिविधियों के कारण आवास का नुकसान या खराबी।
- प्रदूषण: पर्यावरण में हानिकारक पदार्थों का प्रवेश।
- जलवायु परिवर्तन: तापमान और मौसम पैटर्न में दीर्घकालिक परिवर्तन।
- अत्यधिक उपयोग: प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक उपयोग।
- घासखोरी प्रजातियाँ: गैर-स्थानीय प्रजातियाँ जो स्थानीय प्रजातियों को नुकसान या बाहर निकाल देती हैं।
संरक्षण:
- स्थानीय संरक्षण (In-situ conservation): अपने प्राकृतिक आवास में जैव विविधता का संरक्षण।
- बाह्य संरक्षण (Ex-situ conservation): अपने प्राकृतिक आवास के बाहर प्रजातियों का संरक्षण और पालन-पोषण।
- स्थिर विकास: संसाधन उपयोग और संरक्षण को संतुलित करना।
- लाल डेटा पुस्तिका: आईयूसीएन की प्रतिबंधित और संरक्षित प्रजातियों की सूची।
पारिस्थितिक प्रयोजन:
- प्रदान सेवाएँ: भोजन, पानी और लकड़ी जैसे संसाधनों का प्राप्ति।
- नियन्त्रण सेवाएँ: जलवायु, वायु शुद्धिकरण और पानी छनन का नियंत्रण।
- सांस्कृतिक सेवाएँ: मनोरंजन, सौंदर्य और आध्यात्मिक मूल्य।
- समर्थन सेवाएँ: ऑक्सीजन उत्पादन, मिट्टी निर्माण और प्रकाशन।
पारिस्थितिक परिवार्षिकता:
- प्रतिभूति प्रतिस्पर्धा: साझा संसाधनों के लिए जीवों के बीच प्रतिस्पर्धा।
- शिकार: जीवों को भोजन के लिए अपशिष्ट करना।
- षड्यंत्र: एक प्रजाति (षड्यंत्री) दूसरी (शिकारी) पर या उसके भीतर रहती है और उसे नुकसान पहुँचाती है।
- एकजुटता: दो प्रजातियों का एकजुट लाभदायक सहयोग।
- सहानुभूति: एक प्रजाति लाभान्वित होती है जबकि दूसरी प्रभावित नहीं होती।
आबादी पारिस्थितिकी:
- आबादी का आकार: किसी विशेष क्षेत्र में व्यक्तियों की संख्या।
- आबादी का वृद्धि: समय के साथ आबादी में वृद्धि।
- आबादी घनत्व: एक इकाई क्षेत्र में व्यक्तियों की संख्या।
- आबादी वितरण: आवास के भीतर व्यक्तियों का वितरण।
समुदाय पारिस्थितिकी:
- समुदाय संरचना: प्रजातियों की संख्या और उनके परिवार्षिकता।
- समुदाय संघटन: समुदाय में प्रजातियों की सापेक्ष संभावितता।
- समुदाय गतिशीलता: समय के साथ संघटन में परिवर्तन।
पारिस्थितिक प्रणाली पारिस्थितिकी:
- ऊर्जा प्रवाह: उत्पादक (पौधे) से उपभोक्ता तक और विघटक तक ऊर्जा का प्रवाह।
- पोषक तत्व चक्र: जीवित जीवों और पर्यावरण के बीच आवश्यक तत्वों का प्रवाह।
- फ़ीडिंग स्तर: पारिस्थितिक प्रणाली में खाद्य उत्पादन से शीर्ष शिकारियों तक खाद्य स्तर।
- खाद्य श्रृंखला और खाद्य जाल: ऊर्जा और पोषक तत्वों का रैखिक और जुड़ा हुआ प्रवाह।
जलवायु:
- भूमिगत जलवायु: वृक्षारोपण, रेतीले मैदान और टुंड्रा जैसे मुख्य भूमि आधारित पारिस्थितिक प्रणालियाँ।
- जलीय जलवायु: समुद्र, झीलें और दशन जैसे मुख्य जल आधारित पारिस्थितिक प्रणालियाँ।