स्व-प्रकरण और पारस्परिक प्रकरण के बीच अंतर

स्व-प्रकरण और पारस्परिक प्रकरण के बीच अंतर

graph TD; A[स्व-प्रकरण और पारस्परिक प्रकरण के बीच अंतर]; B[स्व-प्रकरण]; C[पारस्परिक प्रकरण]; D[परिभाषा]; E[परिभाषा]; F[फायदे]; G[फायदे]; H[नुकसान]; I[नुकसान]; J[उदाहरण]; K[उदाहरण]; A-->B; A-->C; B-->D[एक फूल के अंडर से प्रकाश को उसी फूल के स्टिग्मा में स्थानांतरित करना]; C-->E[एक फूल के अंडर से प्रकाश को दूसरे फूल के स्टिग्मा में स्थानांतरित करना]; B-->F[प्रकरण के लिए प्रकरण करने की आवश्यकता नहीं, कम ऊर्जा और समय लगता है]; C-->G[आनुवंशिक विविधता, बदलते वातावरण के लिए अनुकूलन]; B-->H[कम आनुवंशिक विविधता, आंतरिक प्रकरण का जोखिम]; C-->I[प्रकरण के लिए प्रकरण करने की आवश्यकता, अधिक ऊर्जा और समय लगता है]; B-->J[बीन, ऑर्किड]; C-->K[अधिकांश फूल रोगी पौधे, घास];


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