NEET 2019 का हल किया हुआ प्रश्नपत्र, प्रश्न 66
प्रश्न: कॉलम-I का कॉलम-II से मिलान कीजिए : [NEET 5-5-2019]
| कॉलम -I | कॉलम -II |
|---|---|
| [a] P-तरंग | (i) निलयों का विध्रुवण |
| [b] QRS सम्मिश्र | (ii) निलयों का पुनध्रुवण |
| [c] T-तरंग | (iii) कोरोनरी इस्कीमिया |
| [d] T-तरंग के आकार में कमी | (iv) आलिंदों का विध्रुवण |
| (v) आलिंदों का पुनध्रुवण |
सही विकल्प चुनिए।
विकल्प:
A) [a] (ii) [b] (i) [c] (v) [d] (iii)
B) [a] (ii) [b] (iii) [c] (v) [d] (iv)
C) [a] (iv) [b] (i) [c] (ii) [d] (iii)
D) [a] (iv) [b] (i) [c] (ii) [d] (v)
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उत्तर:
सही उत्तर: C
हल:
- कॉलमों का सही मिलान करने के लिए, आइए इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG) में प्रत्येक तरंग के महत्व को समझते हैं:
- P-तरंग: आलिंदों के विध्रुवण को दर्शाती है।
- QRS सम्मिश्र: निलयों के विध्रुवण को दर्शाता है।
- T-तरंग: निलयों के पुनध्रुवण को दर्शाती है।
- T-तरंग के आकार में कमी: कोरोनरी इस्कीमिया का संकेत दे सकती है।
अब, आइए कॉलम-I का कॉलम-II से मिलान करें:
- [a] P-तरंग का मिलान (iv) आलिंदों का विध्रुवण से होता है।
- [b] QRS सम्मिश्र का मिलान (i) निलयों का विध्रुवण से होता है।
- [c] T-तरंग का मिलान (ii) निलयों का पुनध्रुवण से होता है।
- [d] T-तरंग के आकार में कमी का मिलान (iii) कोरोनरी इस्कीमिया से होता है।