पशुओं में संरचनात्मक संगठन 1
उपकला ऊतक (उपकला):
उपकला ऊतक एक प्रकार का ऊतक है जो शरीर की सतहों, गुहाओं, नलिकाओं और ट्यूबों के लिए आवरण या अस्तर बनाता है। इसकी एक मुक्त सतह होती है जो शरीर के द्रवों या बाह्य वातावरण की ओर होती है।
कोशिकाएँ कसकर पैक होती हैं और इनके बीच न्यूनतम अंतरकोशिकीय मैट्रिक्स (कोशिकाओं के बीच का बाह्य पदार्थ) होता है।
उपकला ऊतक के प्रकार:
सरल उपकला:
- कोशिकाओं की एक ही परत से बना होता है।
- शरीर की गुहाओं, नलिकाओं और नालों के लिए अस्तर के रूप में कार्य करता है।
- कोशिका आकृति के आधार पर आगे वर्गीकृत: चपटी, घनाकार और स्तंभाकार।
संयुक्त उपकला:
- कोशिकाओं की दो या अधिक परतों से बना होता है।
- सुरक्षा प्रदान करता है, विशेष रूप से त्वचा में।
सरल उपकला के प्रकार:
चपटी उपकला:
- कोशिकाएँ चपटी और स्केल जैसी होती हैं।
- उन स्थानों पर पाई जाती हैं जहाँ विसरण या निस्यंदन महत्वपूर्ण होता है, जैसे रक्त वाहिकाओं की अस्तर (एंडोथेलियम) और फेफड़ों की वायु थैलियों (एल्वियोली) में।
घनाकार उपकला:
- कोशिकाएँ घनाकार होती हैं जिनकी सभी विमाएँ बराबर होती हैं।
- अक्सर स्राव और अवशोषण से जुड़े क्षेत्रों में पाई जाती हैं, जैसे गुर्दे की नलिकाओं और ग्रंथि नलिकाओं में।
स्तंभाकार उपकला:
- कोशिकाएँ चौड़ाई से अधिक ऊँची होती हैं, स्तंभों जैसी।
- अवशोषण, स्राव और कभी-कभी गति (जैसे सिलिया) में कार्य करती हैं।
- उदाहरणों में पाचन नाल और श्वसन नाल की अस्तर शामिल हैं।
रेशेदार उपकला (Ciliated Epithelium):
- कुछ स्तंभाकार या घनाकार उपकला कोशिकाओं की मुक्त सतह पर रेशे (cilia) होते हैं।
- रेशे बाल के समान संरचनाएँ होती हैं जो लयबद्ध रूप से गति कर सकती हैं, उपकला सतह पर कणों या श्लेष्मा की दिशात्मक गति उत्पन्न करती हैं।
- इस प्रकार की उपकला ब्रॉन्कियोल्स और फैलोपियन नलिकाओं जैसे क्षेत्रों में पाई जाती है।
ग्रंथिक उपकला (Glandular Epithelium):
- कुछ स्तंभाकार या घनाकार कोशिकाएँ स्राव के लिए विशिष्ट हो जाती हैं।
- ग्रंथिक उपकला दो मुख्य प्रकारों की होती है: एककोशिकीय और बहुकोशिकीय ग्रंथियाँ।
- एककोशिकीय ग्रंथियाँ व्यक्तिगत ग्रंथिक कोशिकाओं से बनी होती हैं, जैसे पाचन तंत्र में गोबलेट कोशिकाएँ।
- बहुकोशिकीय ग्रंथियाँ कोशिकाओं के समूह होते हैं, जैसे लार ग्रंथियाँ।
- ये श्लेष्मा, लार, एंजाइम और हार्मोन जैसे विभिन्न पदार्थों का स्राव करती हैं।
संयुक्त उपकला (Compound Epithelium):
इस प्रकार की उपकला कोशिकाओं की कई परतों से बनी होती है। यह मुख्य रूप से यांत्रिक और रासायनिक तनावों से सुरक्षा प्रदान करने में शामिल होती है। यह त्वचा, गाल गुहा और विभिन्न नलिकाओं की परत जैसे क्षेत्रों में पाई जाती है।