जैव प्रौद्योगिकी के सिद्धांत और प्रक्रियाएं भाग 3
वेक्टर
1. रेप्लिकेशन का उद्गम (Origin of Replication)
- वह डीएनए अनुक्रम जहाँ प्रतिकृति प्रारंभ होती है
- वेक्टर को होस्ट कोशिका में स्वतंत्र रूप से प्रतिकृत होने की अनुमति देता है
2. चयन योग्य चिह्न (Selectable Markers)
- प्रतिरोधक या विशिष्ट लक्षण प्रदान करने वाले जीन
- रूपांतरित कोशिकाओं की पहचान और चयन में सहायता करते हैं
3. क्लोनिंग स्थल (Cloning Sites)
- अद्वितीय प्रतिबंधक एंजाइम पहचान अनुक्रम
- विदेशी डीएनए को विशिष्ट स्थानों पर सम्मिलित करने की अनुमति देते हैं
4. विशिष्ट वेक्टर (Specialized Vectors)
- विशिष्ट अनुप्रयोगों (अभिव्यक्ति, शटल) के लिए विशेष रूप से बनाए गए
- विशिष्ट होस्ट जीवों के लिए अतिरिक्त विशेषताएँ रखते हैं
होस्ट रूपांतरण विधियाँ
1. रासायनिक विधि
- कोशिकाओं को सक्षम बनाने के लिए कैल्शियम क्लोराइड का उपयोग
- हीट शॉक सेल झिल्ली के माध्यम से डीएनए ग्रहण को सक्षम करता है
2. सूक्ष्म-इंजेक्शन
- डीएनए को सीधे कोशिका के नाभिक में इंजेक्ट करना
- सटीक लेकिन श्रमसाध्य विधि
3. बायोलिस्टिक्स
- डीएनए से लेपित सोने के कणों को कोशिकाओं में गोली मारना
- कठोर सेल दीवालों वाली पादप कोशिकाओं के लिए उपयुक्त
4. वेक्टर-माध्यमित स्थानांतरण
- एग्रोबैक्टीरियम जैसे जैविक वेक्टर का उपयोग
- होस्ट कोशिकाओं में प्राकृतिक डीएनए स्थानांतरण तंत्र