सदिश संचालनों का परिचय
1. सदिश
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परिभाषा: सदिश एक गणितीय इकाई है जिसमें परिमाण और दिशा दोनों होते हैं। यह एक निर्देशित रेखांश खंड द्वारा दर्शाया जाता है जिसमें तीर दिशा को दर्शाता है।
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दर्शाना: सदिश को अक्सर बोल्डफेस नोटेशन का उपयोग करके दर्शाया जाता है, जैसे, A। घटक रूप में, एक सदिश को A = (x, y, z) के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, जहां x, y और z सदिश के x, y और z अक्षों के खंड हैं।
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परिमाण: सदिश का परिमाण उसके प्रतिनिधित्व करने वाले निर्देशित रेखांश खंड की लंबाई है। इसे प्रतीक
|**A**|या सरलता के लिए||**A**||द्वारा दर्शाया जाता है। -
दिशा: सदिश की दिशा उसके प्रतिनिधित्व करने वाले निर्देशित रेखांश खंड की ओरीयता है। इसे आमतौर पर एक संदर्भ दिशा के सापेक्ष मापे गए कोणों का उपयोग करके निर्दिष्ट किया जाता है।
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एकक सदिश: एकक सदिश परिमाण 1 वाला सदिश है। यह अक्सर अन्य सदिशों को दर्शाने के लिए आधार सदिश के रूप में उपयोग किया जाता है। x, y और z अक्षों के खंड के लिए मानक एकक सदिशों को i, j और k द्वारा दर्शाया जाता है।
2. सदिश जोड़ और घटाव
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सदिश जोड़: दो सदिशों A और B का सदिश योग एक नया सदिश C है जिसे B के टोकरी को A की शीर्ष पर रखकर और A की टोकरी से B के शीर्ष तक एक सदिश खींचकर प्राप्त किया जाता है। सदिश जोड़ संचालन आर्बिट्ररी है, अर्थात् A + B = B + A। यह आसोसिएटिव भी है, अर्थात् (A + B) + C = A + (B + C)।
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सदिश घटाव: दो सदिशों A और B का सदिश अंतर एक नया सदिश C है जिसे B की दिशा को उलट कर और उसे A के साथ जोड़कर प्राप्त किया जाता है। सदिश घटाव संचालन आर्बिट्ररी नहीं है, अर्थात् A - B ≠ B - A। हालांकि, यह आसोसिएटिव है, अर्थात् (A - B) - C = A - (B - C)।
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सदिश जोड़ और घटाव के गुण:
- आर्बिट्ररी गुण: A + B = B + A
- आसोसिएटिव गुण: (A + B) + C = A + (B + C)
- वितरण गुण: k(A + B) = kA + kB
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सदिश जोड़ का त्रिकोण नियम: इस नियम के अनुसार दो सदिशों A और B का सदिश योग दो सदिशों द्वारा बनाए गए समबहुभुज की विकर्ण द्वारा दर्शाया जाता है।
संदर्भ: NCERT कक्षा 11 भौतिकी पुस्तक, अध्याय 4- समतल में गति: सदिश
- सदिश जोड़ का समबहुभुज नियम: यह नियम त्रिकोण नियम का एक सामान्यीकरण है और इसके अनुसार दो सदिशों का सदिश योग उस समबहुभुज की विकर्ण द्वारा दर्शाया जाता है जिसकी आसन्न भुजाएं दो सदिशों के बराबर परिमाण के एक समानांतर होती हैं।
3. स्केलर और सदिश गुणन
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स्केलर गुणन (डॉट गुणन): दो सदिशों A और B का स्केलर गुणन (या डॉट गुणन) एक वास्तविक संख्या है जिसे उनके परिमाणों और उनके बीच कोण के कोसाइन के गुणन के रूप में परिभाषित किया जाता है। इसे प्रतीक A • B द्वारा दर्शाया जाता है। स्केलर गुणन एक आर्बिट्ररी और वितरणीय संचालन है।
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सदिश गुणन (क्रॉस गुणन): दो सदिशों A और B का सदिश गुणन (या क्रॉस गुणन) एक नया सदिश है जो A और B दोनों के लंबवत होता है। इसे प्रतीक A × B द्वारा दर्शाया जाता है। सदिश गुणन विपरीत-आर्बिट्ररी है, अर्थात् A × B = -B × A, और सदिश जोड़ के खंड के खंड है।
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स्केलर और सदिश गुणन के गुण:
- डॉट गुणन का आर्बिट्ररी गुण: A • B = B • A
- डॉट गुणन का वितरण गुण: A • (B + C) = A • B + A • C
- क्रॉस गुणन का विपरीत-आर्बिट्ररी गुण: A × B = -B × A
- क्रॉस गुणन का वितरण गुण: A × (B + C) = A × B + A × C
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ज्यामितिक व्याख्या:
- डॉट गुणन: दो सदिशों का डॉट गुणन एक सदिश के दूसरे पर प्रक्षेपण का प्रतिनिधित्व करता है। यह दो सदिशों के बीच समानांतरता या विपरीत-समानांतरता का एक माप है।
- क्रॉस गुणन: दो सदिशों का क्रॉस गुणन दो सदिशों द्वारा बनाए गए समबहुभुज के क्षेत्रफल का प्रतिनिधित्व करता है। यह दो सदिशों के बीच लंबवतता का एक माप है।
संदर्भ: NCERT कक्षा 12 भौतिकी पुस्तक, अध्याय 4- चुंबकीय प्रवाह और चुंबकत्व: खंड 4.3
4. स्केलर त्रिगुणित गुणन
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तीन सदिशों A, B, और C का स्केलर त्रिगुणित गुणन एक वास्तविक संख्या है जिसे तीन सदिशों के घटकों द्वारा बनाए गए मैट्रिक्स का अवशेष के रूप में परिभाषित किया जाता है: (A • B) C − (A • C) B। इसे प्रतीक [A B C] द्वारा दर्शाया जाता है।
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स्केलर त्रिगुणित गुणन के गुण:
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चक्रीय गुण: [A B C] + [B C A] + [C A B] = 0।
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विपरीत-आर्बिट्ररी गुण: [A B C] = -[B A C]।
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ज्यामितिक व्याख्या: स्केलर त्रिगुणित गुणन तीन सदिशों द्वारा बनाए गए त्रिभुजिक बन्ध के आयतन का प्रतिनिधित्व करता है। यह तीन सदिशों की असमतलता का एक माप है।
5. सदिश त्रिगुणित गुणन
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तीन सदिशों A, B, और C का सदिश त्रिगुणित गुणन एक नया सदिश है जिसे A और B और C के क्रॉस गुणन के क्रॉस गुणन के रूप में परिभाषित किया जाता है: A × (B × C)। इसे प्रतीक [A B C] द्वारा दर्शाया जाता है।
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सदिश त्रिगुणित गुणन के गुण:
- चक्रीय गुण: [A B C] + [B C A] + [C A B] = 0।
- विपरीत-आर्बिट्ररी गुण: [A B C] = -[B A C]।
- वितरण गुण: A × (B + C) = A × B + A × C।
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ज्यामितिक व्याख्या: सदिश त्रिगुणित गुणन तीन सदिशों को धारण करने वाले समतल के लंबवत एक सदिश का प्रतिनिधित्व करता है। यह तीन सदिशों की असमतलता का एक माप है।
संदर्भ: NCERT कक्षा 12 भौतिकी पुस्तक, अध्याय 4- चुंबकीय प्रवाह और चुंबकत्व: खंड 4.4
6. भौतिकी में सदिशों के अनुप्रयोग
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गतिकी और गतिज गणित: सदिशों का उपयोग गतिकी में स्थानांतरण, वेग और त्वरण का वर्णन करने के लिए किया जाता है। गतिज गणित में भी भार और धारणात्मकता का वर्णन करने के लिए सदिशों का उपयोग किया जाता है।
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विद्युत-चुंबकत्व: सदिशों का उपयोग विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों का वर्णन करने के लिए किया जाता है, साथ ही उन बलों का वर्णन करने के लिए जो वे आवेशित कणों पर आरोपित करते हैं।
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तरल यांत्रिकी: सदिशों का उपयोग तरलों के वेग और त्वरण का वर्णन करने के लिए किया जाता है, साथ ही उन बलों का वर्णन करने के लिए जो वे वस्तुओं पर आरोपित करते हैं।
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ऊष्मागतिकी: सदिशों का उपयोग ऊष्मागतिक प्रणालियों के दबाव, तापमान और उत्सर्जनता का वर्णन करने के लिए किया जाता है।
7. अभियांत्रिकी में सदिशों के अनुप्रयोग
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संरचनात्मक यांत्रिकी: सदिशों का उपयोग इमारतों, पुलों और मशीनों जैसी संरचनाओं में बल और दबावों का विश्लेषण करने के लिए किया जाता है।
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तरल यांत्रिकी: सदिशों का उपयोग पाइप और नालियों में तरलों के प्रवाह का विश्लेषण करने के लिए किया जाता है, साथ ही उन बलों का विश्लेषण करने के लिए जो वे वस्तुओं पर आरोपित करते हैं।
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ऊष्मागतिकी: सदिशों का उपयोग इंजन और ऊष्मा पंप जैसी ऊष्मागतिक प्रणालियों को डिज़ाइन और विश्लेषण करने के लिए किया जाता है।
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बिजली अभियांत्रिकी: सदिशों का उपयोग बिजली परिपथों और मोटर और जनरेटर जैसे विद्युत-चुंबकीय उपकरणों का विश्लेषण करने के लिए किया जाता है।
8. सदिश समीकरण
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रेखाओं और समतलों के सदिश समीकरण: सदिश समीकरणों का उपयोग तीन आयामों में रेखाओं और समतलों का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जाता है। एक बिंदु P(x1, y1, z1) से चलने वाली एक रेखा का सदिश समीकरण दिशा सदिश d = (dx, dy, dz) के साथ दिया जाता है: r = P + td, जहां t एक वास्तविक पैरामीटर है।
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गोलाकार, लम्बनाली और शंकु के सदिश समीकरण: सदिश समीकरणों का उपयोग तीन आयामों में गोलाकार, लम्बनाली और शंकु का भी प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जा सकता है:
- गोलाकार:
(x - x<sub>c</sub>)^2 + (y - y<sub>c</sub>)^2 + (z - z<sub>c</sub>)^2 = R^2- लम्बनाली:
(x - x<sub>c</sub>)^2 + (y - y<sub>c</sub>)^2 = R^