पिछले वर्ष के NEET प्रश्न - रासायनिक बंधन
2019:
सही उत्तर (A) है। बेन्ज़ीन में C-C बंधन की लंबाई 1.39 Å है, जो एथेन (1.54 Å) में C-C बंधन की लंबाई से छोटी है। यह इसलिए है क्योंकि बेन्ज़ीन में पाइ इलेक्ट्रॉन्स पूरे चक्र के चारों ओर वितरित होते हैं, जिससे कार्बन परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉन घनत्व में वृद्धि होती है और बंधन की ताकत में कमी आती है।
2018:
सही उत्तर (B) है। NO2 में N-O बंधन की लंबाई 1.21 Å है, जो NO (1.15 Å) में N-O बंधन की लंबाई से लंबी है। यह इसलिए है क्योंकि NO2 में दूसरे ऑक्सीजन परमाणु के उपस्थिति से नाइट्रोजन परमाणु के आसपास इलेक्ट्रॉन घनत्व में वृद्धि होती है, जिससे बंधन की लंबाई में वृद्धि होती है।
2017:
सही उत्तर (A) है। CO2 में C-O बंधन की लंबाई 1.16 Å है, जो CO (1.12 Å) में C-O बंधन की लंबाई से लंबी है। यह इसलिए है क्योंकि CO2 में दूसरे ऑक्सीजन परमाणु के उपस्थिति से ऑक्सीजन परमाणु से कार्बन परमाणु से इलेक्ट्रॉन घनत्व को दूर कर दिया जाता है, जिससे बंधन की लंबाई में वृद्धि होती है।