PYQ NEET- विद्युत धारा और धारा घनत्व
- उत्तर है (A) R/n
चरण-दर-चरण सोचें।
जब एक तार को n बराबर अंशों में काटा जाता है, तो प्रत्येक अंश की लंबाई l/n हो जाती है। चूंकि तार के प्रतिरोधक घनत्व की लंबाई के सीधे प्रतिफल के अनुसार होता है, इसलिए प्रत्येक अंश का प्रतिरोधक घनत्व ρ/n होगा। n प्रतिरोधकों के समानांतर संयोजन का समतुल्य प्रतिरोध R/n होगा।
- उत्तर है (A) ओम के नियम
चरण-दर-चरण सोचें।
एक प्रवाह के प्रतिरोधक में बहने वाली विद्युत धारा उस पर लगाए गए विभव अंतर के सीधे प्रतिफल के अनुसार होती है और उसके प्रतिरोध के विपरीत प्रतिफल के अनुसार होती है। यह ओम के नियम कहलाता है।
- उत्तर है (C) 2ρ
चरण-दर-चरण सोचें।
तार का प्रतिरोधक घनत्व ρ = ρl/A द्वारा दिया जाता है, जहाँ ρ प्रतिरोधक घनत्व, l लंबाई, और A क्रॉस-सेक्शनल क्षेत्र है। जब एक तार को अपनी लंबाई को दुगना कर बढ़ा दिया जाता है, तो उसका क्रॉस-सेक्शनल क्षेत्र आधा हो जाता है। इसलिए, तार का प्रतिरोधक घनत्व ρ/2 हो जाएगा।