PYQ NEET- स्थिर विद्युत आवेश और परतलीय ऊर्जा
- एक समानांतर प्लेट धाराधनी क्षमता C को परिमाण V तक आवेशित किया गया है। फिर प्लेटों के बीच की दूरी दुगनी की गई। नई क्षमता का पुरानी क्षमता के बिल्कुल बराबर अनुपात है
C/2
C/4
C/8
(D) C/16
उत्तर (B) है। समानांतर प्लेट धाराधनी की क्षमता C = εA/d द्वारा दी गई है, जहाँ ε प्लेटों के बीच डायएलेक्ट्रिक की परावैद्युतता है, A प्लेटों का क्षेत्रफल है, और d प्लेटों के बीच की दूरी है। प्लेटों के बीच की दूरी दुगनी होने पर, क्षमता 1/2 के गुणक से कम हो जाती है।
- एक आवेशित प्रतिबिंब के किसी बिंदु के पास विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र 50 N/C है। यदि उस बिंदु पर परतलीय विद्युत 300 V है, तो प्रतिबिंब पर आवेश का परिमाण है
(A) 15 μC
(B) 60 μC
(C) 120 μC
(D) 180 μC
उत्तर (B) है। एक आवेशित प्रतिबिंब के किसी बिंदु के पास विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र E = σ/ε₀ द्वारा दिया गया है।