पिछले वर्ष के NEET प्रश्न - P-N संयोजन की मूल बातें
- (NEET 2018)
जब p-भाग बैटरी के सकारात्मक टर्मिनल से जुड़ा होता है, तो एक p-n संयोजन को आगे की दिशा में प्रवेश करने के लिए कहा जाता है। इसके कारण यह है कि जब p-भाग बैटरी के सकारात्मक टर्मिनल से जुड़ा होता है, तो p-प्रकार के चालक द्वारा इलेक्ट्रॉन्स बैटरी के सकारात्मक टर्मिनल की ओर आकर्षित होते हैं और n-प्रकार के चालक में छिद्रों को बैटरी के नकारात्मक टर्मिनल की ओर आकर्षित किया जाता है। इससे n-प्रकार के चालक से p-प्रकार के चालक की ओर इलेक्ट्रॉन्स का प्रवाह उत्पन्न होगा, जो आगे की दिशा में प्रवेश करने के लिए जाना जाता है।
- (NEET 2019)
एक p-n संयोजन में विपरीत दबाव प्रवाह अल्पावस्था भारों के कारण होता है। इसके कारण यह है कि जब p-भाग बैटरी के नकारात्मक टर्मिनल से जुड़ा होता है, तो p-प्रकार के चालक में इलेक्ट्रॉन्स बैटरी के नकारात्मक टर्मिनल से दूर भागते हैं और n-प्रकार के चालक में छिद्रों को बैटरी के सकारात्मक टर्मिनल से दूर भागाया जाता है। इससे p-n संयोजन में एक खाली क्षेत्र उत्पन्न होगा, जो एक क्षेत्र है जिसमें इलेक्ट्रॉन्स और छिद्रों दोनों से खाली है। खाली क्षेत्र की चौड़ाई बढ़ते हुए विपरीत दबाव वोल्टेज के साथ बढ़ेगी।