PYQ NEET- परमाणु नाभिक विभाजन और ध्रुवीयता
2014: एक ध्रुवीय परिपक्वता का अर्थ परिपक्वता के अंतराल के दौरान एक परिपक्वता की मात्रा अपने मूल मान के आधे हो जाने का समय है। इस मामले में, परिपक्वता 30 दिन है। इसका अर्थ है कि 30 दिनों के बाद, परिपक्वता की मात्रा अपने मूल मान के 1 / 2 हो जाएगी। एक और 30 दिन के बाद, परिपक्वता की मात्रा अपने मूल मान के 1 / 4 हो जाएगी। इसलिए, मूल मात्रा के 3⁄4 का विघटन होने में 60 दिन लगेंगे।
2015: एक नाभिक की द्रव्यमान संख्या नाभिक में प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की कुल संख्या है। परमाणु संख्या नाभिक में प्रोटॉन की संख्या है। नाभिक में न्यूट्रॉन की संख्या द्रव्यमान संख्या से परमाणु संख्या घटाकर प्राप्त होती है। इस मामले में, द्रव्यमान संख्या A है और परमाणु संख्या Z है। इसलिए, नाभिक में न्यूट्रॉन की संख्या A - Z है।
2016: नाभिक की त्रिज्या द्रव्यमान संख्या के अंतराल के अनुपात में है। इसके कारण है कि नाभिक की त्रिज्या नाभिक में प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की संख्या द्रव्यमान संख्या के अनुपात में है, और