स्थानीय सरकार

पंचायती राज संस्थाएं

स्थापना

  • पंचायती राज व्यवस्था को सत्ता का विकेंद्रीकरण करने और स्थानीय समुदायों को शासन में शामिल करने के लिए शुरू किया गया।
  • पहली पंचायती राज संस्था की स्थापना राजस्थान में 1959 में हुई।
  • पंचायती राज को अपनाने वाला पहला राज्य राजस्थान था 1959 में।
  • पहली पंचायत की स्थापना राजस्थान के नागौर जिले में 1959 में हुई।

73वें संविधान संशोधन (1992) की प्रमुख व्यवस्थाएं

अनुच्छेदसामग्रीवर्ष
अनुच्छेद 243परिभाषाएँ - पंचायत, ग्राम सभा, गाँव, मध्यवर्ती स्तर, जिला, जनसंख्या आदि की परिभाषाएँ प्रदान करता है।1992
अनुच्छेद 243Aग्राम सभा - सभी वयस्क मतदाताओं का निकाय, जिसे राज्य सरकार द्वारा सौंपी गई शक्तियों का प्रयोग करने का अधिकार है।1992
अनुच्छेद 243Bतीय स्तरीय प्रणाली - ग्राम स्तर, मध्यवर्ती स्तर/ब्लॉक स्तर, जिला स्तर।
[यदि जनसंख्या 20 लाख से कम है तो मध्यवर्ती स्तर आवश्यक नहीं है]।
1992
अनुच्छेद 243Cपंचायत की संरचना - संरचना और रचना जैसा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित हो, सदस्य प्रत्यक्ष रूप से
क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों से निर्वाचित हों, लेकिन मध्यवर्ती और जिला स्तर के अध्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित हो सकते हैं।
1992
अनुच्छेद 243Dअनुसूचित जाति/जनजाति के लिए सीटों का आरक्षण - जनसंख्या में अनुपात के अनुसार आरक्षण, महिलाओं के लिए आरक्षण
कम से कम 1/3 होना चाहिए, और 1/3 अध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित होने चाहिए।
1992
अनुच्छेद 243Eपंचायतों की अवधि - पाँच वर्षीय कार्यकाल, समाप्ति से 6 महीने पहले पुनः निर्वाचन किया जाना चाहिए,
यदि पहले भंग कर दी जाए तो शेष कार्यकाल माना जाएगा।
1992
अनुच्छेद 243Fअयोग्यताएँ - राज्य विधानमंडल के समान जब तक राज्य कानून द्वारा संशोधित नहीं किया जाता।1992
अनुच्छेद 243Gशक्तियाँ, अधिकार और उत्तरदायित्व - पंचायतें ग्यारहवीं अनुसूची में दर्शाए गए 29 विषयों पर
शक्तियों का प्रयोग कर सकती हैं, और कोई अन्य शक्ति जो राज्य सरकार द्वारा सौंपी जाए।
1992
अनुच्छेद 243Hकर लगाने की शक्तियाँ - राज्य सरकार पंचायत को कर, शुल्क, टोल और फीस लगाने, वसूलने और उपयोग करने का अधिकार दे सकती है,
राज्य सरकार से अनुदान भी प्रदान कर सकती है और राजस्व सौंप सकती है।
1992
अनुच्छेद 243Iराज्य वित्त आयोग - पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा के लिए हर 5 वर्ष बाद गठित किया जाएगा।1992
अनुच्छेद 243Jपंचायत लेखों की लेखा परीक्षा - राज्य विधानमंडल पंचायतों के लेखों की लेखा परीक्षा के लिए नियुक्त कर सकता है।1992
अनुच्छेद 243Kराज्य निर्वाचन आयोग - निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करता है।1992
अनुच्छेद 243Lसंघ राज्य क्षेत्रों पर लागू - भाग IX आवश्यक संशोधनों के साथ संघ राज्य क्षेत्रों पर लागू होता है, राष्ट्रपति विनियम जारी कर सकता है।1992
अनुच्छेद 243Mअपवाद और छूट - भाग IX नागालैंड, मेघालय, मिजोरम, अनुसूचित क्षेत्रों और जनजातीय क्षेत्रों,
दार्जिलिंग के पहाड़ी क्षेत्रों और मणिपुर के पहाड़ी क्षेत्रों के कुछ मामलों पर लागू नहीं होता [पेसा अधिनियम]।
1992
अनुच्छेद 243Nमौजूदा कानूनों की निरंतरता - पंचायतों से संबंधित मौजूदा राज्य कानून तब तक जारी रहेंगे जब तक संशोधित या निरस्त नहीं किए जाते।1992
अनुच्छेद 243Oअदालतों के हस्तक्षेप पर रोक - अदालतें पंचायत चुनावों में हस्तक्षेप नहीं कर सकतीं और कोई भी चुनाव चुनाव याचिका के अलावा
चुनाव पूर्ण होने के बाद ही चुनौती दी जा सकती है।
1992

प्रमुख शब्द

  • पंचायत समिति: मध्यवर्ती स्तर की संस्था।
  • ग्राम पंचायत: ग्राम स्तर की संस्था।
  • जिला परिषद: जिला स्तर की संस्था।
  • पंचायती राज अधिनियम: राज्य-विशिष्ट विधान जो पंचायती राज को लागू करता है।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • 1959: राजस्थान में पहली पंचायती राज संस्था की स्थापना हुई।
  • 1992: 73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम पारित हुआ, जिसने पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया।

परीक्षा के लिए प्रमुख तथ्य

  • पंचायती राज संस्थाएं स्थानीय शासन का सबसे निचला स्तर हैं।
  • अनुच्छेद 243 और अनुच्छेद 243A पंचायती राज के संवैधानिक आधार हैं।
  • 73वाँ संविधान संशोधन पंचायती राज के लिए मुख्य कानूनी ढांचा है।
  • ग्राम सभा पंचायत की ग्राम सभा होती है।

नगर पालिकाएँ

स्थापना

  • नगर पालिकाएँ शहरी क्षेत्रों के लिए स्थानीय स्वशासी संस्थाएँ हैं।
  • पहला नगर निगम बॉम्बे (मुंबई) में 1857 में स्थापित हुआ।
  • भारत में पहला नगर निगम बॉम्बे में 1857 में स्थापित हुआ।
  • ब्रिटिश भारत में पहला नगर निगम बॉम्बे में 1857 में स्थापित हुआ।
  • स्वतंत्र भारत में पहला नगर निगम दिल्ली में 1957 में स्थापित हुआ।

संवैधानिक प्रावधान

अनुच्छेदसामग्रीसमावेशन का वर्ष
अनुच्छेद 40ग्राम पंचायतों का संगठन1950
अनुच्छेद 41पर्याप्त जीविका के साधनों का अधिकार1950
अनुच्छेद 42कार्य के न्यायसंगत और मानवीय परिस्थितियाँ1950
अनुच्छेद 43जीविकोपयोगी वेतन और कार्य की परिस्थितियाँ1950
अनुच्छेद 44समान नागरिक संहिता1950
अनुच्छेद 45बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा1950
अनुच्छेद 46अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों की शैक्षिक और आर्थिक हितों का संवर्धन1950
अनुच्छेद 47मादक पेय और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन का निषेध1950
अनुच्छेद 48कृषि और पशुपालन का संगठन1950
अनुच्छेद 49स्मारकों और कलात्मक या ऐतिहासिक रुचि के वस्तुओं का संरक्षण1950
अनुच्छेद 50न्यायपालिका का कार्यपालिका से पृथक्करण1950
अनुच्छेद 51Aमौलिक कर्तव्य1975

74वें संविधान संशोधन (1992) की प्रमुख व्यवस्थाएँ

अनुच्छेदसामग्रीवर्ष
अनुच्छेद 243पंचायतों का गठन1992
अनुच्छेद 243Aराज्यों में पंचायतों का गठन1992
अनुच्छेद 243Bपंचायतों की संरचना1992
अनुच्छेद 243Cपंचायत क्षेत्रों की सीमांकन1992
अनुच्छेद 243Dपंचायतों का चुनाव1992
अनुच्छेद 243Eपंचायतों की शक्तियाँ और कार्य1992
अनुच्छेद 243Fवित्त, लेखा और लेखापरीक्षा1992
अनुच्छेद 243Gकानून बनाने की राज्य सरकारों की शक्तियाँ1992
अनुच्छेद 243Hनगरपालिकाओं का गठन1992
अनुच्छेद 243Iनगरपालिकाओं की संरचना1992
अनुच्छेद 243Jनगर क्षेत्रों की सीमांकन1992
अनुच्छेद 243Kनगरपालिकाओं का चुनाव1992
अनुच्छेद 243Lनगरपालिकाओं की शक्तियाँ और कार्य1992
अनुच्छेद 243Mनगरपालिकाओं का वित्त, लेखा और लेखापरीक्षा1992
अनुच्छेद 243Nकानून बनाने की राज्य सरकारों की शक्तियाँ1992

प्रमुख शब्द

  • नगर निगम: 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाला शहर।
  • नगर परिषद: 2 लाख से 10 लाख के बीच जनसंख्या वाला शहर।
  • नगर पंचायत: 1 लाख से 2 लाख के बीच जनसंख्या वाले कस्बों के लिए संक्रमणिक निकाय।
  • नगर निगम: नगर निगम या नगर परिषद के लिए सामान्य पद।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

  • 1857: बॉम्बे में पहला नगर निगम स्थापित किया गया।
  • 1957: स्वतंत्रता के बाद भारत में पहला नगर निगम दिल्ली में स्थापित किया गया।
  • 1992: 74वां संविधान संशोधन अधिनियम पारित किया गया, जिसने नगर पालिकाओं को संवैधानिक दर्जा दिया।

परीक्षा के लिए प्रमुख तथ्य

  • नगर पालिकाएं पंचायती राज संस्थाओं की शहरी समकक्ष हैं।
  • अनुच्छेद 243H और अनुच्छेद 243I नगर पालिकाओं के लिए संवैधानिक आधार हैं।
  • 74वां संविधान संशोधन नगर पालिकाओं के लिए मुख्य कानूनी ढांचा है।
  • नगर पंचायत 1 लाख से 2 लाख आबादी वाले कस्बों के लिए एक संक्रमणिक निकाय है।