| प्रथम रेलवे सहकारी समिति | इंडियन रेलवेज कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी (IRCCS), 1955 |
| शीर्ष निकाय | रेलवे बोर्ड → सहकारिता मंत्रालय (2021 से प्रभावी) |
| छत्र संघ | अखिल भारतीय रेलवे सहकारी संघ (AIRCF) – 1965 |
| कुल रेलवे-संबद्ध समितियाँ (वित्तीय वर्ष 24) | ≈ 1,850 |
| सदस्यता | 100 % रेलवे कर्मचारी (जीवनसाथी/बच्चे भी पात्र) |
| न्यूनतम शेयर पूंजी | ₹ 100 (समिति के अनुसार भिन्न) |
| एमएससीएस अधिनियम के अनुसार लाभांश की अधिकतम सीमा | 20 % प्रति वर्ष |
| लेखा परीक्षा | सहकारिता विभाग द्वारा वैधानिक लेखा परीक्षा + आरआरबी द्वारा समवर्ती लेखा परीक्षा |
| जमा बीमा | डीआईसीजीसी द्वारा ₹ 5 लाख तक |
| कोर बैंकिंग सॉफ्टवेयर | “रेल सहकार” – सीआरआईएस द्वारा अनुकूलित सीबीएस |
| सर्वाधिक जमा वाली समिति | नॉर्दर्न रेलवे एम्प्लॉईज कोऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी (₹ 2,400 करोड़ एयूएम) |
| आदर्श आवास समिति | रेल विहार सीजीएचएस – दिल्ली (1,280 फ्लैट) |
| कैंटीन स्टोर्स का संचालन | जेसीएम योजना के तहत रेलवे कोऑपरेटिव कैंटीन सोसाइटीज (RCCS) द्वारा |
| उपभोक्ता समिति ब्रांड | “रेल-नीर सवेरा” – कर्मचारियों के लिए रियायती किराना सामग्री |
| ई-गवर्नेंस पोर्टल | https://railwaycoop.gov.in – 2022 में लॉन्च किया गया |
| विवाद निवारण | एमएससीएस अधिनियम 2002 → सहकारी अधिकरण → उच्च न्यायालय |
| सावधि जमा पर ब्याज (वित्तीय वर्ष 24) | 7.0–7.5 % (वरिष्ठ नागरिकों के लिए 0.5 % बोनस) |
| गृह निर्माण ऋण की अधिकतम सीमा | मासिक वेतन का 60 गुना या ₹ 30 लाख, जो भी कम हो |
| देय राशि की वसूली | वेतन बिल के माध्यम से – एमएससीएस नियमों का नियम 32 |
| हालिया विलय | 47 घाटे में चल रही समितियों का 8 क्षेत्रीय “समामेलित बहु-राज्य” समितियों में विलय (2023) |