ईसी डिवीजन – इलेक्ट्रिकल (ट्रैक्शन) और आरएस/ईएमयू/मेट्रो सेवाओं के लिए केंद्रीय संगठन

“ईसी डिवीजन” क्या है?

  • ईसी = इलेक्ट्रिकल (ट्रैक्शन) सेंट्रल ऑर्गनाइजेशन
    • यह रेलवे बोर्ड के इलेक्ट्रिकल (टीआरडी) निदेशालय के तहत एक गैर-भौगोलिक, कैडर-नियंत्रण इकाई है।
    • उच्च-मूल्य, तकनीकी रूप से विशेष इलेक्ट्रिकल परिसंपत्तियों को एकत्रित करने और केंद्रीय रूप से निगरानी करने के लिए बनाया गया है जो एक से अधिक रेलवे जोन की सेवा करती हैं।
    • प्रोडक्शन यूनिट (पीयू) की तरह ही कार्य करता है लेकिन इसके “उत्पाद” रोलिंग स्टॉक रखरखाव और बुनियादी ढांचा उन्नयन हैं।
    • पहला ईसी डिवीजनईसीआरएस, कोलकाता (1962) ईआर और एसईआर के ईएमयू/एमईएमयू रेक के लिए।
    • नवीनतम ईसी डिवीजनईसीएससी, भिलाई (2018) डब्ल्यूएजी-12बी और डब्ल्यूएजी-9एचडी लोको के लिए।

1. तकनीकी जानकारी

पैरामीटरविशिष्टता
वोल्टेज प्रणाली25 केवी, 50 हर्ट्ज, सिंगल-फेज एसी (1957 से)
कैटेनरी (ओएचई) ऊंचाई5.60 मी ± 0.05 मी (बीजी), 4.27 मी (एमजी विरासत)
ट्रैक्शन पावर आवृत्ति50 हर्ट्ज ± 2 %
पावर ब्लॉक प्रोटोकॉल15 केवी “न्यूट्रल सेक्शन” प्रत्येक 40–60 किमी पर
रिटर्न करंट पथरेल + 150 मिमी² कॉपर अर्थ वायर + एटी रिटर्न फीडर
रिमोट कंट्रोलएससीएडीए (आईईसी 60870-5-104) ओएफसी बैकबोन के माध्यम से
रखरखाव आवधिकताआईओएच 18 महीने / पीओएच 6 वर्ष (लोको), 9 वर्ष (ईएमयू)

ईसी डिवीजन तीन ऊर्ध्वाधरों को संभालते हैं:

  1. रोलिंग स्टॉक (आरएस) – लोको, ईएमयू, एमईएमयू, मेट्रो कार।
  2. ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन (टीआरडी) – ओएचई, टीएसएस, एससीएडीए, स्विचिंग स्टेशन।
  3. ट्रैक्शन रोलिंग स्टॉक डिपो (टीआरडी) – पिट-लाइन, लिफ्टिंग जैक, व्हील लेथ।

2. महत्वपूर्ण तथ्य और आंकड़े

  • कुल 8 ईसी डिवीजन (31 मार्च 2024 तक)

    कोडपूरा नाममुख्यालयवर्षमुख्य गतिविधि
    ECRSइलेक्ट्रिकल सेंट्रल ऑर्गनाइजेशन (रोलिंग स्टॉक)कोलकाता1962पहला ईएमयू शेड
    ECRCइलेक्ट्रिकल सेंट्रल ऑर्गनाइजेशन (आरडीएसओ)लखनऊ1966मानक और परीक्षण
    ECORईस्ट कोस्ट ईसीविशाखापत्तनम1975डब्ल्यूएजी-5/डब्ल्यूएजी-7 लोको
    ECSWसाउथ-वेस्टर्न ईसीहुबली1980डब्ल्यूडीजी-4/डब्ल्यूडीपी-4बी
    ECNRनॉर्दर्न ईसीनई दिल्ली1985डब्ल्यूएपी-5/डब्ल्यूएपी-7
    ECSRसदर्न ईसीचेन्नई1990डब्ल्यूएपी-4/डब्ल्यूएजी-9
    ECCRसेंट्रल ईसीनागपुर2000डब्ल्यूएजी-9/डब्ल्यूएपी-7
    ECSCसाउथ-सेंट्रल ईसीभिलाई2018डब्ल्यूएजी-12बी (12 000 एचपी)
  • कार्यबल – ≈ 45 000 नियमित कर्मचारी (65 % तकनीकी पर्यवेक्षक, 20 % कारीगर, 15 % मंत्रालयीन)।

  • पूंजीगत व्यय 2023-24 – ₹ 6 820 करोड़ (सभी पीयू/ईसी में सर्वाधिक)।

  • बचाई गई ऊर्जा बिल – 1.26 बीयू (2022-23) पुनर्योजी ब्रेकिंग और एचओजी के माध्यम से।

  • रिकॉर्ड लोको उपयोगिता – 588 किमी/लोको/दिन (ईसीएनआर जोन, वित्तीय वर्ष-23)।

3. ऐतिहासिक मील के पत्थर

वर्षघटना
1925पहला 1.5 केवी डीसी ट्रैक्शन – हार्बर लाइन, बॉम्बे
195725 केवी एसी को राष्ट्रीय मानक के रूप में अपनाया गया
1962ECRS 9-कार ईएमयू रेक के लिए गठित
1966RDSO ECRC सेल शुरू; पहला सिलिकॉन रेक्टिफायर
1980पहला सॉलिड-स्टेट चॉपर 1.5 केवी डीसी ईएमयू (बॉम्बे) पर
1987WAP-1 (पहला स्वदेशी 25 केवी एसी लोको) सीएलडब्ल्यू से रोल आउट
19953-फेज ड्राइव डब्ल्यूएजी-9 प्रोटोटाइप ईसीआरसी द्वारा परीक्षित
2000पहली 140 किमी/घंटा डब्ल्यूएपी-5 दिल्ली-आग्रा रन
2010हेड-ऑन-जनरेशन (एचओजी) राजधानी में शुरू
2018WAG-12B (12 000 एचपी) आयातित प्रौद्योगिकी ईसीएससी द्वारा
2021100 % विद्युतीकरण लक्ष्य घोषित – 65 000 आरकेएम
2023पहला स्वदेशी आईजीबीटी-आधारित 9000 एचपी डब्ल्यूएजी-9एच फ्लैग ऑफ

4. वर्तमान स्थिति और हाल के अपडेट (2024)

  1. मिशन 2024 – बीजी मार्गों का 100 % विद्युतीकरण (जनवरी 2024 तक 85 % प्राप्त)।
  2. WAG-12B – 120 लोको पहले से ही ECSC/भिलाई में होम्ड; अगले 80 मेक-इन-इंडिया खंड के तहत।
  3. ऊर्जा-तटस्थ चेन्नई–गुडूर खंड (ECSR) – 104 % पुनर्योजन प्राप्त (2023)।
  4. कवच (एटीपी) – ईसी डिवीजन रेट्रो-फिट चला रहे; मार्च 2024 तक 1500 किमी कवर।
  5. ओएचई ऊंचाई बढ़ाकर 7.57 मी डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर पर डबल-स्टैक कंटेनर यातायात के लिए।
  6. नई टीआरडी नीति 2023पीओएच चक्र बढ़ाया 6 से 9 वर्ष तक 3-फेज लोको के लिए (स्थिति-आधारित)।
  7. ग्रीन प्रमाणनECNR & ECOR को ISO 50001:2018 (ऊर्जा प्रबंधन) से सम्मानित।
  8. रेलवे बजट 2024₹ 6500 करोड़ टीआरडी और एचओजी बुनियादी ढांचे के लिए आवंटित।

5. 15+ एमसीक्यू – ईसी डिवीजन

5. 15+ एमसीक्यू – ईसी डिवीजन

  1. भारतीय रेलवे का पहला इलेक्ट्रिकल सेंट्रल ऑर्गनाइजेशन (ईसी) डिवीजन कौन सा था?

A) ECNR, नई दिल्ली

B) ECRS, कोलकाता

C) ECSR, चेन्नई

D) ECWR, मुंबई

Show Answerसही उत्तर: B स्पष्टीकरण: ECRS (इलेक्ट्रिकल सेंट्रल ऑर्गनाइजेशन, कोलकाता) भारतीय रेलवे पर बड़े पैमाने के विद्युतीकरण परियोजनाओं के प्रबंधन के लिए अग्रणी डिवीजन था।

  1. ECNR का मुख्यालय स्थित है

A) लखनऊ

B) अंबाला

C) नई दिल्ली

D) प्रयागराज

Show Answerसही उत्तर: C स्पष्टीकरण: ECNR (इलेक्ट्रिकल सेंट्रल नॉर्दर्न रेलवे) डिवीजन का मुख्यालय नई दिल्ली में है।

  1. WAG-12B (12000 एचपी) लोको किस ईसी डिवीजन में होम्ड हैं?

A) ECNR

B) ECSC, भिलाई

C) ECOR

D) ECR, हाजीपुर

Show Answerसही उत्तर: B स्पष्टीकरण: भारी ढोने के लिए उपयोग किए जाने वाले उच्च-हॉर्सपावर डब्ल्यूएजी-12बी लोकोमोटिव मुख्य रूप से ECSC के तहत भिलाई सुविधा में होम्ड और रखरखाव किए जाते हैं।

  1. भारत में इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन के लिए राष्ट्रीय मानक वोल्टेज है

A) 1500 वी डीसी

B) 11 केवी एसी

C) 25 केवी, 50 हर्ट्ज, 1-फेज एसी

D) 33 केवी, 50 हर्ट्ज, 3-फेज एसी

Show Answerसही उत्तर: C स्पष्टीकरण: भारतीय रेलवे ने इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन के लिए 25 केवी, 50 हर्ट्ज, सिंगल-फेज एसी को राष्ट्रीय मानक के रूप में मानकीकृत किया है।

  1. कौन सा ईसी डिवीजन मुख्य रूप से ट्रैक्शन उपकरणों के मानकों और परीक्षण के लिए जिम्मेदार है?

A) ECRS, कोलकाता

B) ECRC, लखनऊ (आरडीएसओ)

C) ECNR, नई दिल्ली

D) ECSC, भिलाई

Show Answerसही उत्तर: B स्पष्टीकरण: ECRC लखनऊ, आरडीएसओ के तहत कार्य करते हुए, सभी ट्रैक्शन-संबंधित उपकरणों के लिए तकनीकी मानक निर्धारित करने और परीक्षण के लिए जिम्मेदार है।

  1. इलेक्ट्रिक लोको के लिए आईओएच (इंटरमीडिएट ओवर-हॉल) की आवधिकता है

A) 12 महीने

B) 18 महीने

C) 24 महीने

D) 36 महीने

Show Answerसही उत्तर: B स्पष्टीकरण: इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव हर 18 महीने में इंटरमीडिएट ओवर-हॉल से गुजरते हैं ताकि विद्युत और यांत्रिक घटकों की विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।

  1. हेड-ऑन-जनरेशन (एचओजी) प्रौद्योगिकी पहली बार किस ट्रेन पर शुरू की गई थी?

A) वंदे भारत एक्सप्रेस

B) गतिमान एक्सप्रेस

C) राजधानी एक्सप्रेस (2010)

D) शताब्दी एक्सप्रेस

Show Answerसही उत्तर: C स्पष्टीकरण: एचओजी प्रौद्योगिकी, जो कोच को बिजली देने के लिए ओएचई से बिजली खींचती है, पहली बार 2010 में राजधानी एक्सप्रेस पर शुरू की गई थी।

  1. बीजी ट्रैक पर ओएचई संपर्क तार की ऊंचाई सामान्यतः बनाए रखी जाती है

A) 4.80 मी

B) 5.20 मी

C) 5.60 मी

D) 7.50 मी

Show Answerसही उत्तर: C स्पष्टीकरण: मानक ब्रॉड गेज ट्रैक के लिए, सामान्य संपर्क तार की ऊंचाई रेल स्तर से 5.60 मीटर ऊपर होती है।

  1. किस खंड ने 2023 में 104 % पुनर्योजी ऊर्जा ब्रेकिंग हासिल की?

A) दिल्ली–आग्रा

B) चेन्नई–गुडूर (ECSR)

C) हावड़ा–असनसोल

D) मुंबई–पुणे

Show Answerसही उत्तर: B स्पष्टीकरण: ECSR के तहत चेन्नई–गुडूर खंड ने उच्च स्तर की पुनर्योजी ब्रेकिंग के माध्यम से ऊर्जा दक्षता में एक मील का पत्थर दर्ज किया।

  1. भारतीय रेलवे का मिशन 2024-2025 का लक्ष्य है

A) 50 % विद्युतीकरण

B) 75 % विद्युतीकरण

C) बीजी मार्गों का 100 % विद्युतीकरण

D) मैग्लेव का परिचय

Show Answerसही उत्तर: C स्पष्टीकरण: भारतीय रेलवे वर्तमान में 2025-2026 की अवधि तक सभी ब्रॉड गेज मार्गों के 100% विद्युतीकरण को प्राप्त करने के अपने मिशन को अंतिम रूप दे रहा है।

  1. हाल ही में ECNR और ECOR को प्रदान किया गया ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली प्रमाणन है

A) ISO 9001:2015

B) ISO 14001:2015

C) ISO 50001:2018

D) ISO 45001:2018

Show Answerसही उत्तर: C स्पष्टीकरण: ISO 50001:2018 ऊर्जा प्रबंधन प्रणालियों के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक है जो उच्च ऊर्जा दक्षता प्राप्त करने वाले डिवीजनों को प्रदान किया जाता है।

  1. डीएफसीसीआईएल डबल-स्टैक कॉरिडोर में ओएचई की ऊंचाई है

A) 5.60 मी

B) 6.50 मी

C) 7.57 मी

D) 8.20 मी

Show Answerसही उत्तर: C स्पष्टीकरण: डबल-स्टैक कंटेनरों को समायोजित करने के लिए, समर्पित फ्रेट कॉरिडोर ओएचई ऊंचाई 7.57 मीटर पर बनाए रखी जाती है।

  1. पहला स्वदेशी 25 केवी एसी इलेक्ट्रिक लोको कौन सा था?

A) WAM-1

B) WAP-1

C) WAG-7

D) WAM-4

Show Answerसही उत्तर: B स्पष्टीकरण: WAP-1 25 केवी एसी प्रणाली के लिए डिजाइन और निर्मित पहला स्वदेशी यात्री लोकोमोटिव था।

  1. 2×25 केवी प्रणाली में उपयोग किया जाने वाला रिटर्न फीडर कंडक्टर कहलाता है

A) कैटेनरी वायर

B) कॉन्टैक्ट वायर

C) एटी (ऑटो-ट्रांसफॉर्मर) फीडर

D) अर्थ वायर

Show Answerसही उत्तर: C स्पष्टीकरण: 2×25 केवी प्रणाली में, ऑटो-ट्रांसफॉर्मर (एटी) फीडर हस्तक्षेप और वोल्टेज ड्रॉप को कम करने के लिए रिटर्न कंडक्टर के रूप में कार्य करता है।

  1. 3-फेज इलेक्ट्रिक लोको के लिए पीओएच चक्र 6 वर्ष से बढ़ाकर कर दिया गया है

A) 7 वर्ष

B) 8 वर्ष

C) 9 वर्ष (स्थिति-आधारित)

D) 12 वर्ष

Show Answerसही उत्तर: C स्पष्टीकरण: 3-फेज प्रौद्योगिकी की उच्च विश्वसनीयता के कारण, स्थिति निगरानी के आधार पर पीओएच (पीरियडिक ओवर-हॉल) चक्र को 9 वर्ष तक बढ़ा दिया गया है।

  1. टीआरडी रिमोट कंट्रोल के लिए भारतीय रेलवे द्वारा अपनाया गया एससीएडीए प्रोटोकॉल है

A) मोडबस आरटीयू

B) प्रोफिबस

C) IEC 60870-5-104

D) एसएनएमपी

Show Answerसही उत्तर: C स्पष्टीकरण: भारतीय रेलवे ट्रैक्शन पावर वितरण को दूरस्थ रूप से प्रबंधित करने के लिए अपनी एससीएडीए प्रणालियों के लिए IEC 60870-5-104 प्रोटोकॉल का उपयोग करता है।

  1. भारत में पहली इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन शुरू की गई थी

A) हावड़ा–हुगली

B) दिल्ली–मेरठ

C) बॉम्बे हार्बर लाइन (1.5 केवी डीसी, 1925)

D) मद्रास बीच–ताम्बरम

Show Answerसही उत्तर: C स्पष्टीकरण: भारत में इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पहली बार 3 फरवरी, 1925 को बॉम्बे हार्बर लाइन पर 1.5 केवी डीसी प्रणाली का उपयोग करके शुरू हुई थी।

  1. कौन सा ईसी डिवीजन नॉर्दर्न रेलवे के डब्ल्यूएपी-5/डब्ल्यूएपी-7 लोको के रखरखाव की देखभाल करता है?

A) ECNR

B) ECRS

C) ECSR

D) ECWR

Show Answerसही उत्तर: A स्पष्टीकरण: ECNR (नॉर्दर्न रेलवे) उच्च-गति डब्ल्यूएपी-5 और डब्ल्यूएपी-7 लोकोमोटिव के रखरखाव और संचालन के लिए प्राथमिक डिवीजन है।

  1. भारतीय रेलवे में सर्वोच्च लोको उपयोगिता (588 किमी/दिन) का श्रेय दिया जाता है

A) ECOR

B) ECNR जोन (वित्तीय वर्ष-23)

C) ECSR

D) ECRS

Show Answerसही उत्तर: B स्पष्टीकरण: ECNR ने नेटवर्क पर सर्वोच्च औसत लोकोमोटिव उपयोगिता दर्ज की, जो प्रति लोको प्रति दिन 588 किमी तक पहुंच गई।

  1. “कवच” स्वदेशी रूप से विकसित है

A) ट्रेन लाइटिंग सिस्टम

B) ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (एटीपी) सिस्टम

C) ई-टिकटिंग ऐप

D) फ्रेट ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर

Show Answerसही उत्तर: B स्पष्टीकरण: कवच भारत का स्वदेशी एटीपी सिस्टम है जिसे टकराव को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है कि ट्रेनें गति सीमा के भीतर रहें।