तार्किक तर्क प्रश्न 3
प्रश्न; निर्देश; निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें:
आकस्मिक यथार्थवाद बच्चे की ड्राइंग को ज़्यादातर घसीट-पिटी रेखाओं के रूप में दिखाता है, लेकिन बच्चा इन निशानों के भीतर वास्तविक जीवन की वस्तुएँ देख सकता है। बच्चा यह बार-बार करेगा और इन ‘आकस्मिक’ प्रतिनिधित्वों को नोटिस करेगा, जब तक कि वह उस बिंदु पर न पहुँचे जहाँ वह वास्तविक जीवन से कुछ प्रतिनिधित्वात्मक ड्रॉ करने का इरादा लेकर चलना शुरू करेगा। बच्चा दूसरे चरण में प्रवेश करेगा जो असफल यथार्थवाद है जब वे लगातार वास्तविक जीवन से मिलती-जुलती किसी वस्तु को ड्रॉ करने का इरादा लेकर चलते हैं। बौद्धिक यथार्थवाद तब होता है जब बच्चे की एकाग्रता और ध्यान में सुधार होता है। इसका अर्थ है कि ड्राइंग वस्तु की प्रमुख महत्वपूर्ण विशेषताओं को दर्शाएगी। यह वह चरण है जहाँ बच्चा महसूस करेगा कि आकार में निर्धारण करने वाली विशेषताओं को ड्रॉ करना महत्वपूर्ण है। वास्तविक दुनिया की भावना बच्चे को किसी वस्तु का जीवन-समान प्रतिनिधित्व ड्रॉ करने की इच्छा दिलाती है और यह बच्चे को दृश्य यथार्थवाद में ले जाती है। गद्यांश में ‘असफल यथार्थवाद’ क्या है?
विकल्प:
A) वास्तविक जीवन की चीज़ों और वस्तुओं को ड्रॉ करने के निरंतर प्रयास
B) वास्तविक जीवन की समानता ड्रॉ करने का सतत प्रयास
C) बौद्धिक यथार्थवाद ड्रॉ करने के सतत प्रयास
D) आधारभूत संरचना के आकार ड्रॉ करने का निरंतर प्रयास
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उत्तर:
सही उत्तर; B
समाधान:
- (b)
- न्यायिक तर्क
- तर्क
- वस्तु और कार्य उपमा बच्चा दूसरे चरण का सामना करेगा जो असफल यथार्थवाद है जहाँ वह लगातार प्रयास करता है, इरादा होता है कि वास्तविक जीवन की वस्तुओं या चीज़ों से मिलता-जुलता कुछ बनाए।